चंद्रपुर में गिरी बिजली (सोर्स: एआई फोटो) 
चंद्रपुर

चंद्रपुर में आकाशीय बिजली का कहर: चिमूर में 19 वर्षीय युवक की मौत, सिंदेवाही का विट्ठल मंदिर क्षतिग्रस्त!

Chandrapur Lightning Strike: चंद्रपुर में बिजली गिरने से 19 वर्षीय युवक की मौत हो गई। सिंदेवाही में मंदिर क्षतिग्रस्त हुआ, एक महिला घायल हुई, जबकि बल्लारपुर में 178.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।

अंकिता पटेल

Chandrapur Heavy Rain Havoc: चंद्रपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने, सड़क हादसे और भारी वर्षा की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

चिमूर तहसील में बिजली गिरने से एक 19 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि सिंदेवाही तहसील के मोहाली गांव में विठ्ठल मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरने से मंदिर को नुकसान पहुंचा और एक महिला घायल हो गई। वहीं वरोरा में पानी से भरे गड्ढे में एक कार पलट गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी यात्री सुरक्षित बच गए।

जानकारी के अनुसार, चिमूर तहसील के निवासी सुहास काले (19) की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। प्रशासन ने मृतक के परिजनों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बिजली गिरने से मंदिर क्षतिग्रस्त, बारिश में कार पलटी

इधर, सिंदेवाही तहसील के मोहाली गांव में स्थित विठ्ठल मंदिर पर तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली गिरने से मंदिर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय मंदिर परिसर में मौजूद एक महिला इसकी चपेट में आकर घायल हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है।

बारिश के कारण वरोरा क्षेत्र में भी एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पानी से भरे गहरे गड्ढे में एक कार का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। कार में सवार सभी यात्रियों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है।

बल्लारपुर में 178.3 मिमी बारिश, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, जिले में कई स्थानों पर अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। बल्लारपुर में सबसे अधिक 178.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ गया है और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने तथा अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत और बचाव दलों को सतर्क रखा गया है, जबकि नागरिकों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

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