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चंद्रपुर की दीक्षाभूमि पर 16 अक्टूबर को धम्मचक्र अनुप्रवर्तन दिवस का मुख्य समारोह आयोजित होगा।
16 अक्टूबर 1956 को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने चंद्रपुर में लाखों अनुयायियों को बौद्ध धम्म की दीक्षा दी थी।
सुबह डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को अभिवादन के बाद पवित्र अस्थिधातु कलश की शोभायात्रा निकाली जाएगी।
Chandrapur Dikshabhoomi: भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा 16 अक्टूबर 1956 को चंद्रपुर में लाखों अनुयायियों को बौद्ध धम्म की दीक्षा देने की ऐतिहासिक घटना की स्मृति में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दीक्षाभूमि पर धम्मचक्र अनुप्रवर्तन दिवस का मुख्य समारोह आयोजित होगा। इस अवसर पर लाखों अनुयायियों के पहुंचने की संभावना है। इसे लेकर दीक्षाभूमि परिसर में उत्साह का माहौल है।
समारोह की शुरुआत गुरुवार, 15 अक्टूबर को हजारों अनुयायियों की उपस्थिति में हुई। बुद्ध-भीम गीतों से दीक्षाभूमि परिसर गूंज उठा। विभिन्न स्थानों से अनुयायियों का आगमन शुरू हो गया है। समारोह के लिए परिसर में अलग-अलग वस्तुओं के स्टॉल भी लगाए गए हैं। आज मुख्य समारोह के अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से महाप्रसाद का वितरण किया गया।
वहीं, विभिन्न संस्थानों ने अनुयायियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए हैं। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के धम्मदीक्षा आंदोलन की स्मृति से जुड़े इस आयोजन में हर वर्ष बड़ी संख्या में अनुयायी शामिल होते हैं। समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के संदेश के साथ मनाए जाने वाले इस समारोह को लेकर अनुयायियों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।
शुक्रवार, 16 अक्टूबर को सुबह डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को अभिवादन के बाद पवित्र अस्थिधातु कलश, भिक्खुसंघ और समता सैनिक दल के पथसंचलन के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी। त्रिरत्न, धम्मक्रांति और भारतीय संविधान विषय पर परिसंवाद होगा। दोपहर सामूहिक बुध्द वंदना और धम्म प्रवचन होगा। इसकी अध्यक्षता धम्मसेनानायक भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई करेंगे।
समारोह की अध्यक्षता अरुण घोटेकर करेंगे। अतिथि के रूप में महाराष्ट्र शासन के सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के प्रधान सचिव डॉ. हर्षदीप कांबले, डॉ. नारायण कांबले, डॉ. जगदीश ओहल और धम्मप्रकाश बौध्द उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में उपस्थिति की अपील की गई है।
दीक्षाभूमि पर शुक्रवार को होने वाले धम्मचक्र अनुप्रवर्तन समारोह में लाखों अनुयायियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। समारोह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।