चंद्रपुर एसीबी, भद्रावती वन विभाग, रिश्वतखोरी,(सोर्स- सोशल मीडिया)  
चंद्रपुर

जब्त ट्रैक्टर छुड़ाने पहुंचे किसान से मांगी 20 हजार की घूस! चंद्रपुर ACB ने भद्रावती वन कार्यालय में मारा छापा

Forest Bribery Case: चंद्रपुर एसीबी ने भद्रावती वन विभाग में ट्रैक्टर छोड़ने के बदले ₹20 हजार रिश्वत लेते क्षेत्र सहायक, बीट वनरक्षक और एक वन मजदूर को रंगेहाथ गिरफ्तार किया।

अंकिता पटेल

Chandrapur Forest Bribery Arrest: चंद्रपुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भद्रावती वन विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरी के एक मामले का पर्दाफाश किया है। जब्त किए गए ट्रैक्टर को छोड़ने के एवज में ₹20 हजार की रिश्वत स्वीकार करते समय वन विभाग के क्षेत्र सहायक, बीट वनरक्षक और एक वन मजदूर को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद भद्रावती सहित पूरे चंद्रपुर जिले के सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।

एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्षेत्र सहायक कोमल घुगलोत, बीट वनरक्षक संदीप पारवे और वन मजदूर ललित नागपुरे के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

ट्रैक्टर छोड़ने के बदले मांगी थी रिश्वत

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता का ट्रैक्टर कुछ दिन पहले वन विभाग की कार्रवाई के दौरान जब्त किया गया था। आरोप है कि ट्रैक्टर छोड़ने के लिए क्षेत्र सहायक और बीट वनरक्षक ने शिकायतकर्ता से ₹20 हजार की रिश्वत की मांग की।

शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने सीधे चंद्रपुर एसीबी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।शिकायत मिलने के बाद एसीबी अधिकारियों ने मामले का गोपनीय सत्यापन किया। जांच के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ने की योजना बनाई गई।

जाल बिछाकर की गई कार्रवाई

पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार सोमवार को शिकायतकर्ता रिश्वत की राशि लेकर भद्रावती वन परिक्षेत्र कार्यालय पहुंचा। जैसे ही आरोपियों ने ₹20 हजार की रिश्वत स्वीकार की, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी टीम ने तत्काल छापा मारकर क्षेत्र सहायक कोमल घुगलोत और बीट वनरक्षक संदीप पारवे को रंगेहाथ दबोच लिया।

कार्रवाई के दौरान की गई पूछताछ और जांच में यह भी सामने आया कि पूरे लेन-देन में वन मजदूर ललित नागपुरे ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। रिश्वत की रकम दिलाने और सौदे को अंतिम रूप देने में उसकी सक्रिय भागीदारी पाई गई। इसके बाद एसीबी ने उसे भी मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. दिवाकर प्रधान, अपर पुलिस अधीक्षक माधुरी बाविस्कर तथा उप पुलिस अधीक्षक अनिल जिदवार के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक प्रशांत केदार और उनकी टीम ने किया।

जांच जारी, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

एसीबी अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले भी इसी तरह अन्य लोगों से रिश्वत वसूली थी या नहीं। जब्त दस्तावेजों, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी।

भद्रावती वन विभाग में हुई इस कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों में खलबली मच गई है। एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तुरंत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

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