समृद्धि महामार्ग पर बुलढाणा क्यों बना हादसों का हॉटस्पॉट (डिजाइन फोटो) 
बुलढाना

Explainer: समृद्धि महामार्ग पर 3 साल में 444 मौतें, समझिए आखिर बुलढाणा क्यों बना हादसों का हॉटस्पॉट

Samriddhi Mahamarg Accidents: समृद्धि एक्सप्रेसवे पर पिछले तीन सालों में 491 हादसों में 444 लोगों की जान जा चुकी हैं। जानिए क्यों बुलढाणा जिला इस आधुनिक हाईवे का सबसे खतरनाक जोन बन गया है।

आकाश मसने

Samriddhi Expressway Accidents Analysis Report: मुंबई और नागपुर की दूरी को समेटने वाला 'हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग' देश के सबसे अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे में गिना जाता है। रफ्तार के शौकीनों के लिए यह हाईवे जितना शानदार है, सुरक्षा के लिहाज से उतना ही डरावना साबित हो रहा है। करीब तीन साल के भीतर इस हाईवे ने सैकड़ों परिवारों को कभी न भूलने वाले जख्म दिए हैं।

समृद्धि महामार्ग पर कितने हुए हादसे?

दिसंबर 2022 में शुरू हुए समृद्धि एक्सप्रेसवे पर जनवरी 2026 तक के आंकड़े बेहद खौफनाक हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, दिसंबर 2022 से जनवरी 2026 तक समृद्धि महामार्ग पर कुल 491 भीषण सड़क हादसे हुए। इसमें 44 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। चिंता की बात यह है कि वक्त के साथ इन हादसों में कमी आने के बजाय बढ़ोतरी देखी गई है। अकेले साल 2025 में ही इस एक्सप्रेसवे पर 185 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 152 लोगों की मौत हुई। यह ग्राफ साल 2024 के मुकाबले काफी बड़ा है, जो हाईवे सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

बुलढाणा क्यों बन रहा हादसों का हॉटस्पॉट?

नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेसवे पर बुलढाणा जिला सबसे बड़ा 'डेथ जोन' बनकर उभरा है। इस महामार्ग पर बुलढाणा जिले के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में जुलाई 2023 में एक प्राइवेट बस में आग लगने से हुई 25 यात्रियों की मौत समेत मेहकर, सिंदखेड राजा, शिवनी पीसा और डोनगांव जैसे इलाकों में लगातार गाड़ियां काल के गाल में समा रही हैं। विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार बुलढाणा जिले में बड़ी संख्या में होने वाले हादसों के पीछे कई कारण हैं।

लंबा और सीधा रास्ता: समृद्धि महामार्ग का बुलढाणा से गुजरने वाला पैच बेहद लंबा और सीधा है। ऐसे रास्तों पर वाहन चालक अक्सर गति बढ़ा देते हैं और सतर्कता कम हो जाती है। इस स्थिति में एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है।

रोड हिप्नोसिस का खतरा: सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बुलढाणा का लंबा और एक जैसा दिखने वाला मार्ग रोड हिप्नोसिस की स्थिति पैदा करता है। जब ड्राइवर लगातार एक जैसी सीधी सड़क पर बिना किसी मोड़ के गाड़ी चलाता है, तो उसका दिमाग एक अचेत अवस्था में चला जाता है। इसे रोड हिप्नोसिस कहते हैं। इसमें आंखें खुली रहती हैं पर दिमाग का रिएक्शन टाइम खत्म हो जाता है। इस दौरान ड्राइवर गाड़ी चलाता रहता है लेकिन उसका ध्यान पूरी तरह सड़क पर नहीं रहता, जिसके कारण हादसा होता है।

ओवरस्पीडिंग: समृद्धि महामार्ग पर निर्धारित सीमा से अधिक गति से वाहन चलाने की घटनाएं लगातार सामने आती हैं। तेज रफ्तार के कारण छोटी सी गलती भी जानलेवा साबित हो सकती है। समृद्धि महामार्ग पर कारों के लिए अधिकतम स्पीड लिमिट 120 किमी/घंटा तय की गई है। वहीं ट्रकों और बसों जैसे भारी वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 80 किमी प्रति घंटा है।

ड्राइवर की थकान: मुंबई से नागपुर या नागपुर से मुंबई की यात्रा करने वाले कई चालक लगातार कई घंटे वाहन चलाते हैं। बुलढाणा जिला समृद्धि महामार्ग के लगभग मध्य भाग में स्थित है। इस कारण यहां तक पहुंचते-पहुंचते चालक थकान महसूस करने लगते हैं, जिसकी वजह से ध्यान भटकने और हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

रात के समय यात्रा: समृद्धि महामार्ग पर अधिकांश बड़े हादसे देर रात 1 बजे से सुबह 5 बजे के बीच हुए हैं, जो जैविक रूप से इंसानी शरीर के सोने का समय होता है। इस दौरान नींद और थकान के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

समृद्धि महामार्ग पर बुलढाणा में हादसों के कारण (सोर्स: AI)

बुलढाणा में हुए बड़े हादसों पर एक नजर

  • नागपुर से पुणे की ओर जा रही विदर्भ ट्रैवेल्स की AC बस में 30 जुलाई 2023 को देर रात बुलढाणा जिले के सिंदखेड़ाराजा में भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में 25 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। वहीं 7 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
  • 6 जनवरी 2026 को तड़के नागपुर से नासिक जा रही ट्रैवल्स बस में बुलढाणा जिले के मेहकर तहसील के शिवणी पिसा गांव के पास अचानक आग लगने से बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। सौभाग्य से चालक की सूझ-बूझ के कारण बस में सवार सभी 36 यात्री सुरक्षित बचा लिए गए।
  • इसके अलावा मेहकर और सिंदखेड राजा क्षेत्र में कई बड़े सड़क हादसे हुए। शिवनी पीसा और डोंगांव के आसपास लगातार दुर्घटनाएं हो रही है।
  • 23 जून 2026 को सिंदखेड राजा तहसील के किनगांव राजा क्षेत्र में नागपुर से छत्रपति संभाजीनगर जा रही एक कार लोहे के सरियों से भरे कंटेनर से टकराई। इस हासदे में डॉक्टर दंपति की मौत हो गई। जबकि डॉक्टर दंपति के दो बच्चे व ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गए।

किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं?

सरकारी रिपोर्टों के अनुसार समृद्धि महामार्ग पर दुर्घटनाओं का बड़ा हिस्सा नागपुर रेंज और संभाजीनगर रेंज में दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि बुलढाणा-जालना-छत्रपति संभाजीनगर बेल्ट वर्तमान में पूरे समृद्धि महामार्ग का सबसे संवेदनशील और दुर्घटना प्रभावित हिस्सा बन चुका है।

  • नागपुर रेंज: नागपुर, वर्धा, अमरावती, वाशिम, बुलढाणा में 383 हादसे हुए।
  • छत्रपति संभाजीनगर रेंज: जालना, छत्रपति संभाजीनगर, नासिक की ओर के हिस्से में 220 हादसे हुए।
समृद्धि महामार्ग पर साल 2023 में हुए बस हादसे का दृश्य (सोर्स: सोशल मीडिया)

हादसे रोकने के लिए क्या किए जा रहे प्रयास?

समृद्धि महामार्ग पर बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं। हाईवे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (HTMS) के तहत सड़क के ऊपर गैंट्री लगाने का काम किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना, दुर्घटनाओं को कम करना और चालकों को वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करना है। इसके अलावा स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम, अतिरिक्त पुलिस गश्त, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, विश्राम केंद्रों की संख्या बढ़ाना, सड़क सुरक्षा संकेतकों को मजबूत करना

समृद्धि महामार्ग पर सफर को कैसे बनाएं सुरक्षित?

  • हाईवे पर हर 2 से 3 घंटे की ड्राइविंग के बाद कम से कम 15 मिनट का ब्रेक जरूर लें।
  • रात 1 बजे से सुबह 5 बजे के बीच गाड़ी चलाने से बचें, क्योंकि इसी दौरान 'रोड हिप्नोसिस' का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
  • गति सीमा का सख्ती से पालन करें और कार में बैठी सभी सवारियों के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य करें।
  • थकान महसूस होने पर तुरंत वाहन रोकें और थोड़ा आराम कर लें।
  • सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। साथ ही अन्य सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें।

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