भाजपा राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे (फाइल फोटो) 
महाराष्ट्र

BJP सांसद अनिल बोंडे बोले- लोकसभा चुनाव में थोड़ी सी सफलता से मगरा गई कांग्रेस

अनिल बोंडे ने कहा कि लोकसभा चुनाव में थोड़ी सी सफलता कांग्रेस के दिमाग में चढ़ गई है। उसके नेता और कार्यकर्ता मगरा गए हैं। उन्होंने रामटेक सीट के संदर्भ में कहा कि विरोधियों ने संविधान को लेकर झूठ फैलाया और जनता में संभ्रम पैदा किया। रामटेक हो या फिर अमरावती, जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उन्माद बढ़ गया है।

शुभम सोनडवले

नागपुर. भाजपा राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे ने कहा कि लोकसभा चुनाव में थोड़ी सी सफलता कांग्रेस के दिमाग में चढ़ गई है। उसके नेता और कार्यकर्ता मगरा गए हैं। उन्होंने रामटेक सीट के संदर्भ में कहा कि विरोधियों ने संविधान को लेकर झूठ फैलाया और जनता में संभ्रम पैदा किया। रामटेक हो या फिर अमरावती, जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उन्माद बढ़ गया है। जबकि भाजपा हारने पर घबराती नहीं और जीतने पर मगराती नहीं। कांग्रेस के दिमाग में तो जीत की हवा चढ़ गई है जिसे आगामी विधानसभा चुनाव में जनता ही उतारेगी। कांग्रेस अध्यक्ष कार्यकर्ता से पैर धुलवा रहे हैं तो चंद्रपुर सांसद प्रतिभा धानोरकर और उसके समर्थक खदान के कर्मचारियों से मारपीट कर रहे हैं। एक पूर्व मंत्री विक्षिप्तों की तरह वक्तव्य कर रहे हैं।

अमरावती में विधायक यशोमति ठाकुर ने सांसद बलवंत वानखेड़े का अपमान किया। सांसद कक्ष का ताला तोड़ा जा रहा है। यह सब जनता देख रही है और समझ भी रही है। बोंडे गणेशपेठ स्थित भाजपा कार्यालय में रामटेक लोस सीट के चुनाव परिणाम की समीक्षा करने आए थे। इस संदर्भ में उन्होंने पदाधिकारियों की बैठक लेकर कारण जानने का प्रयास किया। बैठक के बाद वे पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस दौरान जिलाध्यक्ष सुधाकर कोहले, राजीव पोतदार, मल्लिकार्जुन रेड्डी, सुधीर पारवे, उदयसिंह यादव, मनोहर कुंभारे उपस्थित थे।

अब बूथ मैनेजमेंट और अधिक मजबूत करेंगे

बोंडे ने कहा कि आगामी चुनाव को देखते हुए अब बीजेपी बूथ मैनेजमेंट को और अधिक मजबूत करेगी। प्रत्येक बूथ पर 50 वोटर्स बढ़ाने का अभियान चलाया जाएगा। 6 जुलाई तक श्यामाप्रसाद मुखर्जी बलिदान पखवाड़ा और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम से जनसंपर्क बढ़ाने का कार्य किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि रामटेक में महायुति के उम्मीदवार को 5 लाख से अधिक वोट हासिल हुए इसमें बीजेपी कार्यकर्ताओं का योगदान है। हार के विविध कारण हो सकते हैं जिस पर मंथन किया जा रहा है। परिणाम के लिए केवल जनता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। विरोधी खासकर कांग्रेस के झूठे व भ्रामक प्रचार ने जनता में संभ्रम पैदा कर दिया। बीजेपी की सरकार बनी तो वह संविधान बदल देगी, जैसा भ्रम उसने फैलाया। महायुति का उम्मीदवार घोषित करने में देर होना भी एक कारण हार का हो सकता है।

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