बारिश से जलाशयों का जलभंडार   प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
भंडारा

भंडारा में जल संकट से राहत: जुलाई की शुरुआत में था 18% पानी, अब 67% के पार पहुंचा जलस्तर

Bhandara Rainfall Water: भंडारा जिले में लगातार हुई बारिश से जलाशयों का जलभंडार 67.32% पहुंच गया है। इससे धान की 95% से अधिक रोपाई पूरी हो चुकी है। जिससे किसानों को राहत मिली है।

प्रमोद यादव

Bhandara District Rainfall Water News: भंडारा जिले में जून और जुलाई की शुरुआत में बारिश की बेरुखी से चिंतित भंडारा जिले को जुलाई के मध्य से हुई लगातार बारिश ने बड़ी राहत दी है। मूसलाधार बारिश के कारण जिले के बांधों, मध्यम व लघु सिंचाई परियोजनाओं तथा मालगुजारी तालाबों के जलस्तर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

वर्तमान में जिले की सभी छोटी-बड़ी परियोजनाओं और तालाबों को मिलाकर 67.32 प्रतिशत जलभंडार उपलब्ध है। हालांकि, आधा मानसून बीतने के बावजूद कई प्रमुख प्रकल्प अब भी पूरी क्षमता से भरने का इंतजार कर रहे हैं। जुलाई के शुरुआती दौर में जिले के जलाशयों में केवल 18.91 प्रतिशत जलभंडार था।

जुलाई और अगस्त में भी इसका दौर जारी रहा। परिणामस्वरूप 2 अगस्त तक जलभंडार 60.40 प्रतिशत पहुंच गया, जो अब बढ़कर 67.32 प्रतिशत हो गया है। जलस्तर में सुधार से धान की रोपाई में तेजी आई और 25 अगस्त तक 95 प्रतिशत से अधिक रोपाई पूरी हो चुकी है।

बड़े प्रकल्पों में 54.65 प्रतिशत पानी

भंडारा जिले के दो प्रमुख प्रकल्प गोसीखुर्द (इंदिरा सागर) और बावनथड़ी (राजीव सागर) की कुल क्षमता 994.90 दशलक्ष घनमीटर है। इनमें वर्तमान में 543.72 दशलक्ष घनमीटर यानी 54.65 प्रतिशत उपयोगी पानी उपलब्ध है। गोसीखुर्द में 62.75 प्रतिशत, जबकि बावनथड़ी में 31.12 प्रतिशत जलभंडार दर्ज किया गया है।

मालगुजारी तालाबों में सर्वाधिक पानी

साकोली, लाखनी, मोहाडी, भंडारा, तुमसर और लाखांदुर तहसीलों के 28 मालगुजारी तालाबों में सर्वाधिक 79.79 प्रतिशत यानी 18.216 दलघमी जलभंडार दर्ज हुआ है। इनमें परसोडी, लवारी और सानगड़ी के तालाब पूरी क्षमता से भर चुके हैं

जिले के किसानों को मिली राहत

भंडारा जिले के जलाशयों में बढ़े जलभंडार से किसानों को बड़ी राहत मिली है। धान की रोपाई का काम भी तेजी से पूरा हुआ है। हालांकि, आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहना जरूरी माना जा रहा है, ताकि प्रमुख जलाशयों में पर्याप्त जलसंचय हो सके और आगामी रबी सीजन के लिए भी पानी उपलब्ध रहे।

प्रकल्पसंख्यासंकल्पित (दलघमी)जमा पानी (दलघमी)जलभंडार (%)
बड़े प्रकल्प2994.9543.7254.65%
मध्यम प्रकल्प547.11816.9435.95%
लघु प्रकल्प3153.54233.79563.12%
मालगुजारी तालाब2825.40418.21679.79%
कुल6682.41655.481967.32%

मध्यम प्रकल्पों में कम भंडारण

चांदपुर, बघेड़ा, बेटकर बोथली और सोरणा सहित जिले की 5 मध्यम परियोजनाओं में कुल क्षमता का 35.95 प्रतिशत यानी 16.940 दलघमी पानी जमा है। इसके मुकाबले जिले की 31 लघु सिंचाई परियोजनाओं में 63.12 प्रतिशत जलभंडार हो चुका है। कवलेवाड़ा, परसवाड़ा, डोंगरला, नागठाना, टांगा, मंडनगांव, सिल्ली-आंबाडी और गुडरी जैसे कई लघु प्रकल्प पूरी तरह भर चुके हैं।

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