महाराष्ट्र के बीड का वो पुल जिसका वीडियो वायरल हुआ है (फोटो क्रेडिट-X)  
बीड

बीड में पैर की ठोकर से उखड़ी 48 लाख के नए पुल की रेलिंग, वायरल वीडियो ने खोली निर्माण कार्य के 'विकास' की पोल

Beed Bridge Railing Collapse: महाराष्ट्र के बीड में 48 लाख की लागत से बने नए पुल की रेलिंग पैर की मामूली ठोकर से ही उखड़ कर गिर गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है।

अनिल सिंह

Beed Bridge Viral Video: महाराष्ट्र में सार्वजनिक बुनियादी ढांचों और निर्माण कार्यों में कथित तौर पर बढ़ते भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बीड जिले के बंकरंजा गांव में करीब 48 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से हाल ही में बनकर तैयार हुए एक नए पुल की मजबूती की ऐसी पोल खुली है कि देखकर खुद प्रशासन के अधिकारी भी दंग रह गए हैं।

इस नवनिर्मित पुल की सुरक्षा रेलिंग महज एक पैर की हल्की सी ठोकर मारने से ही ताश के पत्तों की तरह उखड़कर जमीन पर आ गिरी। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्थानीय नागरिकों ने आक्रोशित होकर सरकार से सवाल पूछा है कि 'क्या यही है आपका विकास?'

पैर से छूते ही उखड़ गई सीमेंट की भारी रेलिंग

यह हैरान करने वाली घटना उस समय कैमरे में कैद हुई जब बंकरंजा गांव के कुछ जागरूक स्थानीय निवासी पुल के काम का मुआयना करने पहुंचे थे। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दुर्गादास लांब नामक एक स्थानीय ग्रामीण जब नवनिर्मित पुल की रेलिंग की मजबूती को परखने के लिए उसे अपने पैर से बहुत हल्का सा धक्का देते हैं, तो वह भारी-भरकम कंक्रीट की रेलिंग बिना किसी प्रतिरोध के अपनी जगह से पूरी तरह उखड़ जाती है।

पुल के उद्घाटन से पहले ही सुरक्षा दीवार का इस तरह मामूली छुअन से भरभराकर गिर जाना वहां मौजूद अन्य ग्रामीणों को भी स्तब्ध कर गया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित विभाग ने पुल के निर्माण में बेहद निम्न स्तर के सीमेंट और बालू-बजरी के मिश्रण का इस्तेमाल किया है।

भाजपा विधायक के क्षेत्र का मामला; कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग

इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटिया निर्माण कार्य जिस बंकरंजा गांव में हुआ है, वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मौजूदा विधायक नमिता मुंडाडा के निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

पुल की जर्जर स्थिति का वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैलने के बाद ग्रामीणों के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं का गुस्सा भी सातवें आसमान पर है। वीडियो बनाने वाले दुर्गादास लांब ने तत्काल बीड के जिला कलेक्टर को साक्ष्यों के साथ एक लिखित पत्र सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की गुहार लगाई है।

यात्रियों और ग्रामीणों की सुरक्षा दांव पर

ग्रामीणों का कहना है कि जिस पुल को भारी वाहनों और सैकड़ों लोगों के दैनिक आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए 48 लाख रुपये खर्च करके तैयार किया गया था, वह पहली बारिश या मामूली दबाव भी झेलने की स्थिति में नहीं है। यदि एक वयस्क व्यक्ति के पैर की ठोकर से इसकी रेलिंग गिर सकती है, तो कल को किसी वाहन के असंतुलित होकर टकराने पर यह पुल बड़े हादसे और जनहानि का कारण बन सकता है।

पीड़ित ग्रामीणों ने मांग की है कि इस भ्रष्टाचार में संलिप्त ठेकेदार का लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाए और कार्य की सही निगरानी न करने वाले पीडब्ल्यूडी या संबंधित विभाग के दोषी इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाए। हालांकि, भारी जन-आक्रोश और वायरल वीडियो के बावजूद प्रशासन की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या कार्रवाई का विवरण सामने नहीं आया है।

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