अतिक्रमण कार्रवाई, वायरल वीडियो,(सोर्स: सोशल मीडिया) 
औरंगाबाद

संभाजीनगर में वायरल वीडियो पर फैक्ट चेक, अतिक्रमण हटाने के बाद फैली अफवाह? मनपा ने शुरू की जांच

Sambhajinagar Encroachment Drive: संभाजीनगर में अतिक्रमण कार्रवाई के बाद वायरल वीडियो की जांच में मनपा ने महिला के मटका व्यवसाय से जुड़े दावे को भ्रामक बताया है।

अंकिता पटेल

Encroachment Drive Viral Video Fact Check: छत्रपति संभाजीनगर पिछले सप्ताह मनपा के अतिक्रमण निर्मूलन विभाग ने सेवन हिल से शाहनूर मियां दरगाह चौक तक बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। इस दौरान सेवन हिल क्षेत्र स्थित फ्रांसिलियन स्कूल व सरकारी कार्यालयों के सामने फुटपाथ पर अतिक्रमण हटाए गए, हालांकि, कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया गया, जिसमें एक दिव्यांग महिला को टूटे हुए मटके उठाते हुए दिखाया गया।

वीडियो के माध्यम से यह दावा किया गया कि महिला का जीवन यापन मटका बिक्री पर निर्भर था व मनपा की कार्रवाई से उसके साथ अन्याय हुआ। रविवार को आयुक्त अमोल येड़गे तथा अतिक्रमण विभाग के नियंत्रण अधिकारी संतोष वाहुले ने घटनास्थल का दौरा कर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने संबंधित महिला से बातचीत की, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि उसका मटका बिक्री व्यवसाय से कोई संबंध नहीं है। मनपा प्रशासन ने इस मामले को गंभीर मानते हुए गलत व भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।

मनपा अधिकारियों ने दिव्यांग महिला से की मुलाकात

प्रशासन के अनुसार महिला का इस्तेमाल कर भ्रामक वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। महिला की बहन व मां ने भी वायरल वीडियो को लेकर नाराजगी जताई है। जानकारी के मुताबिक, भारत नगर क्षेत्र निवासी अर्चना पाखरे कुछ वर्ष पहले बिजली का झटका लगने से दिव्यांग हो गई व बीलने में असमर्थ है, उनके पति का भी कुछ वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ने के कारण उनकी दोनों बेटियों को अनाथालय में रखा गया है। वर्तमान में वह मंदिर परिसर में भीख मांगकर गुजारा कर रही थी।

दिव्यांग महिला को मिलेगा निर्वाह भत्ता

आयुक्त येड़गे ने सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत संबंधित दिव्यांग महिला का नाम संभाजीनगर मनपा की दिव्यांग नागरिक निर्वाह भत्ता योजना में शामिल करने के निर्देश दिए है। इसके तहत महिला को प्रतिमाह लगभग साढ़े तीन हजार रुपए की सहायता राशि मिलेगी।

राज्य में छिड़ गई थी बहस

इस घटना के बाद राज्य भर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं व राजनीतिक नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। अतिक्रमण कार्रवाई व मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर नई बहस शुरू हो गई थी।

विधायक कडू भी संबंधित महिला से मिलने शहर आए, उन्होंने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दिव्यांग नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ हल करने की जरूरत है।

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