Chhatrapati Sambhajinagar Pothole Crisis: छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने शहरभर में सड़क मरम्मत अभियान चलाकर अनेक क्षेत्रों के गड्ढे भर दिए हैं, लेकिन शहर के सबसे महत्वपूर्ण दिल्लीगेट-हसूल वीआईपी मार्ग और हसूल जेल के सामने जटवाड़ा रोड की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।
लगातार हो रही बारिश के कारण इन मार्गों पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। नागरिकों ने इन सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग की है।
शहर में पेयजल पाइपलाइन, गैस लाइन और ड्रेनेज परियोजनाओं के लिए पिछले कुछ महीनों में कई स्थानों पर सड़कें खोदी गई थीं। कार्य पूरा होने के बाद भी कई जगह सड़कें पहले जैसी नहीं बनाई गई, जिससे बारिश के दौरान लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
इस मुद्दे को स्थायी समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने विशेष तकनीक वाले वाहन की सहायता से शहर के विभिन्न हिस्सों में गड्ढे भरने का अभियान तेज किया। इसके परिणामस्वरूप कई प्रमुख और आंतरिक मार्गों की स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन वीआईपी मार्ग अब भी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है।
दिल्लीगेट से हसूल तक कई स्थानों पर सड़क पर बने गड्डों में बारिश का पानी भर गया है। इससे वाहन चालकों को यह समझना मुश्किल हो जाता है कि सड़क समतल है या गड्डा है। हिमायतबाग सिग्नल से दिल्लीगेट के बीच कई स्थानों पर दोपहिया वाहन फिसलने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
जिलाधिकारी कार्यालय के समीप पुलिस चौकी सिग्नल के पास जब मनपा की टीम अन्य गड्डों की मरम्मत कर रही थी, तब स्थानीय नागरिकों ने दिल्लीगेट-हसूल वीआईपी मार्ग और जटवाड़ा रोड की खराब स्थिति की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया, नागरिकों का कहना है कि शहर के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों की मरम्मत में देरी समझ से परे है।
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हर्सल जेल के सामने सिग्नल से जटवाड़ा रोड की ओर जाने वाले सीमेंट कंक्रीट मार्ग को पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदा गया था। पाइपलाइन का कार्य पूरा होने के बाद भी सड़क को पहले जैसी स्थिति में नहीं लाया गया। परिणामस्वरूप वाहन चालकों को उबड़-खाबड़ रास्ते से गुजरना पड़ रहा है या फिर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे रोजाना यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।