Godavari Water Release Alert In Chhatrapati Sambhajinagar: मराठवाड़ा की जीवनरेखा माने जाने वाले पैठण स्थित जायकवाड़ी बांध से मंगलवार शाम गोदावरी नदी में पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। शाम करीब पांच बजे बांध के 18 द्वार खोलकर 10 हजार क्यूसेक की गति से पानी का नियंत्रित विसर्ग प्रारंभ किया गया।
जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बढ़ रही पानी की आवक और जलाशय में जलस्तर बढ़ने के बाद सिंचाई विभाग ने यह निर्णय लिया। प्रशासन ने पहले ही गोदावरी तट पर बसे गांवों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी कर दी थी और नागरिकों से नदी तथा निचले इलाकों में नहीं जाने की अपील की है। जायकवाड़ी बांध नियंत्रण कक्ष के अनुसार बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार पानी आने से जलाशय का जलस्तर बढ़ रहा था।
इसी को ध्यान में रखते हुए जलाशय के सुरक्षित संचालन और अतिरिक्त जल के नियोजित निकास के लिए मंगलवार शाम नियंत्रित रूप से पानी छोड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि जलग्रहण क्षेत्र में वर्षा की स्थिति और जल आवक के अनुसार पानी के विसर्ग में आवश्यकता पड़ने पर वृद्धि अथवा कमी भी की जा सकती है।
मंगलवार दोपहर तक जायकवाड़ी बांध अपनी कुल क्षमता के 91 प्रतिशत से अधिक भर चुका था। लगातार बढ़ती जल आवक के कारण जलाशय का स्तर नियंत्रित रखने के उद्देश्य से 18 द्वारों के माध्यम से गोदावरी नदी में पानी छोड़ा गया। सिंचाई विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
पानी छोड़े जाने से गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे स्थित सभी गांवों को सतर्क कर दिया है। ग्राम प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन दलों को भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही न करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं, मछुआरों और आम नागरिकों से गोदावरी नदी में स्नान, नाव संचालन अथवा किसी भी प्रकार की गतिविधि से दूर रहने का आग्रह किया है। नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बच्चों और पशुओं को भी नदी के समीप नहीं ले जाने की अपील की गई है।
एक ओर जायकवाड़ी बांध के जलग्रहण क्षेत्र में पर्याप्त पानी पहुंचने से बांध से विसर्ग शुरू करना पड़ा है, वहीं दूसरी ओर मराठवाड़ा के कई जिलों में अब भी अच्छी वर्षा का इंतजार बना हुआ है। छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, परभणी, हिंगोली, नांदेड़, लातूर और धाराशिव सहित कई जिलों में आगामी दिनों में हल्की बारिश और सामान्य मौसम रहने की संभावना जताई गई है। वर्षा की कमी के कारण खरीफ फसलों को लेकर किसानों की चिंता बनी हुई है।
जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। गोदावरी नदी के किनारे रहने वाले लोग पूरी सतर्कता बरतें, नदी और निचले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जलग्रहण क्षेत्र में पानी की आवक बढ़ने पर बांध से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में समय-समय पर परिवर्तन किया जा सकता है।