Mysterious Death (सोर्सः एआय जनरेटेड फोटो-सोशल मीडिया) 
अमरावती

वरुड तहसील में पार्षद के पिता की संदिग्ध मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

Suspicious Death: अमरावती जिले के वरुड तहसील में पुसला स्थित आरामशीन परिसर में ट्रक चालक और भाजपा पार्षद नितेश धुर्वे के पिता ज्ञानेश्वर धुर्वे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

महाराष्ट्र डेस्क

Amravati Police Investigation: वरुड तहसील के पुसला स्थित आरामशीन पर काम करने वाले ट्रक चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की घटना सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान ज्ञानेश्वर धुर्वे 60, निवासी वरुड के रूप में हुई है। उनकी मौत का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले से पर्दा उठने की संभावना है। पुलिस सूत्रों के अनुसार वरुड नगर परिषद के भाजपा पार्षद नितेश धुर्वे के पिता ज्ञानेश्वर धुर्वे पिछले 10 वर्षों से पुसला स्थित आरा मशीन पर ट्रक चालक के रूप में काम कर रहे थे।

गुरुवार दोपहर वे पुनर्वास इलाके में स्थित आरामशीन पर काम कर रहे थे, तभी उन्होंने अपने साथियों से बीड़ी लाने के लिए बाहर जाने की बात कही और वहां से निकल गए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वे वापस नहीं लौटे, तो उनके साथियों ने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान वे आरामशीन के कंपाउंड परिसर में जमीन पर बेहोश पड़े मिले। घटना की जानकारी मिलते ही अमित खेरडे ने उन्हें तुरंत वरुड के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

आरामशीन परिसर में ट्रक चालक मृत मिला

इसके बाद उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए ग्रामीण अस्पताल भेजा गया। शे।घाट के थानेदार दीपक महाडिक के मार्गदर्शन में संदीप वानखेड़े और विष्णु पवार मामले की जांच कर रहे हैं। चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत का असल कारण साफ हो पाएगा। मौत की गहन जांच करने की मांगज्ञानेश्वर धुर्वे की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं और उनके परिवार ने घटना की गहन जांच करने की मांग की है।

सीने पर चोट के निशान से बढ़ा संदेह

मृतक के सीने पर मिले चोट के निशान के कारण संदेह और गहरा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सच सामने आ जाएगा। वरुड के भाजपा पार्षद नितेश धुर्वे ने कहा कि पिताजी के सीने पर जो चोट का निशान दिखा है, वह पहले नहीं था। इसलिए उनकी मौत का सटीक कारण सामने आना जरूरी है। अगर यह कोई दुर्घटना है, तो भविष्य में ऐसी घटना किसी और के साथ न हो, इसके लिए जांच होना आवश्यक है।

नेपाल में बाढ़ से हाहाकार, मदद के लिए सबसे पहले आगे आया भारत; 10 टन राहत सामग्री भेजी, देखें लिस्ट

चीन में अजित डोभाल का बड़ा दांव, भारत-चीन सीमा वार्ता में 8 मुद्दों पर बनी बात, LAC पर शांति के लिए बड़ा कदम

मणिपुर दहलाने की साजिश नाकाम, 13 उग्रवादी गिरफ्तार, रॉकेट-ग्रेनेड से लैंडमाइन तक बड़े हथियार बरामद

तिब्बत में बाढ़ से तबाही, सद्गुरु के कैलाश यात्रा ग्रुप के लोग फंसे; 77 इमिग्रेशन सेंटर पर, देखें VIDEO

Explainer: नेपाल में अचानक क्यों आई भारी तबाही, क्या है वो असली वजह; जिसने तबाह की सैकड़ों जिंदगियां