आदिवासी विद्यार्थियों का लॉन्ग मार्च  (सोर्सः सोशल मीडिया)
अमरावती

Amravati News: मंत्री अशोक उईके के निवास की ओर निकले आदिवासी छात्र, सातेफल चौराहे पर रोका लॉन्ग मार्च

Tribal Students Long March: मांगें पूरी नहीं होने पर अमरावती के आदिवासी विद्यार्थियों ने पैदल लॉन्ग मार्च शुरू किया। विद्यार्थी आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके के यवतमाल स्थित निवास की ओर रवाना हुए।

आंचल लोखंडे

Amravati Tribal Students Protest: आदिवासी विकास विभाग के खिलाफ 20 अगस्त से जारी ठिया आंदोलन के बावजूद मांगें पूरी नहीं होने पर आदिवासी विद्यार्थियों ने गुरुवार शाम को पैदल लॉन्ग मार्च शुरू कर दिया। विद्यार्थी आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके के यवतमाल स्थित निवास की ओर रवाना हुए। मार्च की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया।

शुक्रवार को विद्यार्थियों का मार्च चांदूर रेलवे तहसील के सातेफल चौराहे पर पहुंचा। यहां सांसद बलवंत वानखड़े, जिलाधिकारी आशीष येरेकर, पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप, परीक्षित जगताप, पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम और आदिवासी अपर आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

अधिकारियों ने छात्रों के साथ भोजन कर समझाया

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं जानीं और मार्च वापस लेने का आग्रह किया। इस दौरान अधिकारियों व नेताओं ने आंदोलनकारी विद्यार्थियों के साथ भोजन भी किया। चर्चा के बाद विद्यार्थियों ने फिलहाल मार्च रोक दिया।

विद्यार्थियों की प्रमुख मांगों में आदिवासी विकास विभाग के 5 और 14 अगस्त 2026 के विवादित शासन आदेश रद्द करना, छात्रावास प्रवेश के लंबित आवेदनों पर तत्काल प्रवेश देना, महाडीबीटी छात्रवृत्ति का पुनर्भुगतान इसी शैक्षणिक सत्र में करना और पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना की बकाया राशि छात्रों के खातों में जमा करना शामिल है। योजना के लिए स्वतंत्र ऑनलाइन पोर्टल तथा अमरावती के 1,000 क्षमता वाले शासकीय छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 2,000 करने की मांग भी की गई है।

सांसद वानखड़े ने मुख्यमंत्री फडणवीस को लिखा पत्र

विद्यार्थियों की मांगों के समर्थन में सांसद बलवंत वानखड़े ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर शासन के नियमों पर पुनर्विचार करने और लंबित मांगों का तत्काल समाधान करने की मांग की है। पत्र में उल्लेख किया है कि अमरावती, यवतमाल, अकोला, वाशिम और बुलढाणा जिलों के आदिवासी विद्यार्थी शासन निर्णयों की दमनकारी शर्तों और संशोधित नियमावली के खिलाफ धरने पर बैठे थे।

उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने की आयु सीमा, स्थानीय छात्रों का आरक्षण, छात्र संगठनों में भागीदारी पर प्रतिबंध और दूसरी डिग्री लेने वाले छात्रों से जुड़े नियम विद्यार्थियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन करते हैं। इसलिए इन नियमों पर पुनर्विचार कर इन्हें रद्द किया जाना चाहिए। अमरावती के एक नामी स्कूल में हुई छात्र की मृत्यु की गहन जांच कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।

न्यायपालिका को बदनाम करने की कोशिश! SCBA ने निखिल वागले और संजय राउत के खिलाफ दायर की अवमानना याचिका

पति के दूसरी महिलाओं से संबंध, विरोध करने पर की मारपीट; उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या का रोते हुए VIDEO वायरल

Delhi Protest: दिपके के तिरंगा मार्च से पहले सेंट्रल पार्क बंद, हाई कोर्ट का रोक लगाने से इनकार

प्रदर्शन से प्रभावित हो रहा व्यापार, जरूरत के सामानों के लिए भी इंतजार; दिल्ली से बेंगलुरु तक नाराजगी

SIR के बाद अब SSR की तैयारी, यूपी समेत 17 राज्यों में वोटर लिस्ट होगी अपडेट; जानें दोनों में क्या है अंतर