Anil Bonde (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया) 
अमरावती

जलसंकट और बाढ़ से राहत के लिए अनिल बोंडे ने तैयार किया नदी पुनरुद्धार प्लान, तकनीकी सर्वेक्षण के निर्देश

Vidarbha Water Management: अमरावती के दर्यापुर-अंजनगांवसुर्जी क्षेत्र में जलसंकट, बाढ़ और भूजल स्तर सुधारने के लिए राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने नदियों के पुनरुद्धार का मास्टर प्लान तैयार किया है।

महाराष्ट्र डेस्क

Amravati River Project: दर्यापुर-अंजनगांवसुर्जी विधानसभा क्षेत्र में जलसंकट, बाढ़ और गिरते भूजल स्तर की गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए राज्यसभा सांसद व पूर्व कृषि मंत्री डॉ. अनिल बोंडे ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है।

उन्होंने इलाके की मुख्य नदियों पूर्णा, चंद्रभागा, भुलेश्वरी, सपन और शाहनूर के वैज्ञानिक पुनरुद्धार, गहरीकरण, चौड़ीकरण और गाद निकालने के लिए जल संसाधन विभाग के मुख्य इंजीनियरों को पत्र लिखकर तकनीकी सर्वेक्षण के निर्देश दिए हैं। इस बड़े प्रोजेक्ट को गति देने के लिए डॉ. बोंडे जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और मंत्री गिरीश महाजन को विस्तृत प्रस्ताव सौंपकर विशेष फंड की मंजूरी की मांग करेंगे।

विदर्भ की नदियों का पुनरुद्धार

विदर्भ के नमक बेल्ट में आने वाले इस क्षेत्र की नदियां अत्यधिक गाद और अतिक्रमण के कारण अपनी जल संचयन क्षमता खो चुकी हैं। मानसून के दौरान नदियों का पानी किनारों से बहकर खेतों और गांवों में घुस जाता है, जिससे भारी नुकसान होता है। इस स्थिति को बदलने के लिए डॉ. बोंडे ने ग्राउंडवाटर सर्वे एंड डेवलपमेंट एजेंसी और विशेषज्ञों की एक संयुक्त समिति बनाने तथा एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग की है, ताकि समयबद्ध तरीके से इस कार्य को पूरा किया जा सके।

इस परियोजना से भूजल स्तर में सुधार होगा तथा कुओं और बोरवेल का नेचुरल रिचार्ज बढ़ेगा, खारे पानी वाले क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता बेहतर होगी, सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने से कृषि उत्पादन बढ़ेगा और सूखे का असर कम होगा, मानसून के दौरान जल निकासी सुचारू होने से बाढ़ का खतरा टलेगा।

स्थायी समाधान जरूरी

राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने कहा कि इस क्षेत्र का विकास यहां की नदियों की सेहत पर निर्भर है। खारे पानी की समस्या के स्थायी समाधान के तौर पर हम नदियों को पुनर्जीवित करने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री और मंत्रियों से मिलकर विशेष मंजूरी ली जाएगी और कार्य युद्धस्तर पर शुरू होगा।

पिछड़ापन दूर होगा

जिप के वरिष्ठ नेता व पूर्व चेयरमैन बालासाहेब हिंगणीकर ने कहा कि गाद और खारेपन के कारण यह क्षेत्र सिंचाई के मामले में पिछड़ा हुआ था। मास्टर प्लान से यह पिछड़ापन हमेशा के लिए दूर होगा। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेमिसाल और ऐतिहासिक पहल साबित होगी।

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