अमरावती

अमरावती में वाहनों का सैलाब: 5 साल में 2.46 लाख की बढ़ोतरी, ट्रैफिक दबाव और सुरक्षा चुनौती बढ़ी

Amravati Traffic Update: अमरावती जिले में पिछले 5 वर्षों में 2.46 लाख वाहनों की वृद्धि हुई है, जिससे कुल संख्या 10.84 लाख पार कर गई है। आरटीओ ने बढ़ते दबाव के बीच यातायात नियमों के पालन की अपील की है।

रूपम सिंह

Amravati RTO Vehicle Registration News: अमरावती जिले में पिछले पांच वर्षों के दौरान वाहनों की संख्या में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यातायात व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (RTO) के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2021 तक जिले में कुल 8,37,773 वाहन पंजीकृत थे, जो मार्च 2026 के अंत तक बढ़कर 10,84,250 हो गए हैं। इस तरह पांच वर्षों में कुल 2,46,477 नए वाहन सड़कों पर आ गए हैं।

आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, अब वाहन केवल आवश्यकता नहीं रह गए हैं, बल्कि हर परिवार का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क और बढ़ती आय के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भी दोपहिया और चारपहिया वाहनों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।

आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि इस वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान दोपहिया वाहनों का रहा है, जिनकी संख्या में 1.90 लाख से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा कार, जीप, ट्रैक्टर, ट्रक और अन्य वाणिज्यिक वाहनों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 में ही 57,841 नए वाहनों का पंजीकरण हुआ, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है।

जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। वर्तमान में 12,147 इलेक्ट्रिक दोपहिया, 335 इलेक्ट्रिक कार, 557 ई-रिक्शा और 553 डिलीवरी वैन पंजीकृत हैं। इसे पर्यावरण के दृष्टिकोण से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, हालांकि कुल वाहन संख्या में वृद्धि से प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की समस्या भी बढ़ रही है।

आरटीओ अधिकारी उर्मिला पवार ने नागरिकों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें, दोपहिया चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है और नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति न दें।

विशेषज्ञों का मानना है कि वाहनों की बढ़ती संख्या जहां विकास और आर्थिक गतिविधियों का संकेत है, वहीं इसके साथ ट्रैफिक प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण जैसी चुनौतियां भी तेजी से सामने आ रही हैं। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि वे नियमों का पालन कर सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

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