Amravati Project Affected Farmers Protest: महाराष्ट्र के प्रकल्पग्रस्त किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर बलीराजा प्रकल्पग्रस्त संघर्ष संगठन की ओर से जिलाधिकारी कार्यालय पर अमरावती संभाग के पांच जिलों के प्रकल्पग्रस्तों ने सांकेतिक सत्याग्रह आंदोलन किया। संगठन ने कहा कि राज्य के विकास के लिए किसानों ने अपनी जमीनें दीं, लेकिन वर्षों बाद भी अनेक प्रकल्पग्रस्त परिवार पुनर्वसन, रोजगार और आर्थिक सहायता से वंचित हैं। आंदोलन में लगभग 1000 से अधिक प्रकल्पग्रस्त शामिल हुए। इस समय उपस्थित नेताओं ने विभागीय आयुक्त को अपना ज्ञापन सौंपा।
प्रकल्पग्रस्तों के लिए सरकारी नौकरियों में समांतर आरक्षण 5 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने, संबंधित विभागों में विशेष भर्ती निकालने, आयु सीमा पार कर चुके पात्र प्रकल्पग्रस्तों को आर्थिक सहायता या वैकल्पिक जमीन देने तथा 58 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को न्यूनतम पेंशन देने की मांग की गई।
साथ ही सीधे जमीन खरीदी वाले प्रकल्पग्रस्त किसानों को हेक्टेयर के हिसाब से 5 लाख रुपये सानुग्रह अनुदान देने, लंबित अनुदान का तत्काल वितरण करने, संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने, परीक्षा शुल्क में छूट तथा अतिरिक्त आयु सीमा देने की मांग की गई। घुईखेड के बेंबला प्रकल्प से प्रभावित 335 खातेदारों को अनुदान व प्रकल्पग्रस्त प्रमाणपत्र देने, फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच करने तथा अमरावती पुनर्वसन प्राधिकरण में न्यायाधीश की नियुक्ति कर लंबित मामलों का निपटारा करने की भी मांग की गई। संगठन ने विभागीय आयुक्त जिलाधिकारी से प्रकल्पग्रस्त प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर इन समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की।