Amravati Ayan Ahmed Case: परतवाड़ा यौन उत्पीड़न मामले में अब तक की सबसे बड़ी प्रगति हुई है। घटना के कई दिनों बाद, एक पड़ोसी जिले की नाबालिग पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस से संपर्क किया है। अमरावती ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने पुष्टि की है कि पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है। इस बयान से जो नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर मुख्य आरोपी अयान अहमद और उसके साथियों के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। यह पहली बार है जब इस हाई-प्रोफाइल मामले में कोई पीड़िता आधिकारिक तौर पर बयान देने के लिए आगे आई है।
SIT की पूछताछ में मुख्य सूत्रधार अयान अहमद ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। अयान और उसके साथी उजेर खान के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी खुन्नस में उजेर ने अयान के मोबाइल से वह सारा डेटा (वीडियो और फोटो) चोरी कर लिया, जिसे अयान ने लड़कियों को ब्लैमेल करने के लिए बनाया था। उजेर ने ही वह डेटा दूसरों को फॉरवर्ड किया, जिससे यह पूरी साजिश बेनकाब हो गई। पुलिस ने अब तक इस साखळी (Chain) में शामिल 6 ऐसे लोगों की पहचान की है, जिनका काम केवल इन आपत्तिजनक वीडियो को आगे फॉरवर्ड करना था।
मामलों की गंभीरता को देखते हुए 42 सदस्यीय SIT टीम हर छोटे सुराग की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस उन फ्लैट मालिकों से भी कड़ी पूछताछ कर रही है, जहाँ अयान अहमद नाबालिग लड़कियों के साथ शारीरिक संबंध बनाता था और उनके वीडियो रिकॉर्ड करता था। इसके साथ ही, अयान के माता-पिता की भी चरणबद्ध तरीके से जांच शुरू कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्हें अयान की इन गतिविधियों की भनक थी। एसपी विशाल आनंद ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान निलंबित किए गए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष समीक्षा की जा रही है।
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वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने खुद संज्ञान लेते हुए परतवाड़ा थाने में पोक्सो (POCSO) और सार्वजनिक बदनामी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। अब जबकि एक पीड़िता प्रत्यक्ष रूप से सामने आ चुकी है, आरोपियों के बचने के रास्ते बंद होते जा रहे हैं।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे वीडियो को फॉरवर्ड न करें, क्योंकि यह कानूनन अपराध है। आने वाले दिनों में SIT की इस विस्तृत जांच से इस 'हनीट्रैप और उत्पीड़न' सिंडिकेट के कई और काले कारनामे सामने आने की संभावना है।