अकोला कांवड़ उत्सव से पहले पुलिस की बैठक (फोटो नवभारत)
अकोला

कांवड़ उत्सव में नशामुक्ति का संकल्प, अकोला में पुलिस और मंडलों की समन्वय बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा

Police Meeting Before Kanwar Utsav: अकोला में कांवड़ उत्सव 2026 को शांतिपूर्ण और अनुशासित बनाने के लिए बैठक हुई। कांवड़ मंडलों ने नशामुक्त उत्सव का संकल्प लिया, पुलिस ने फैसले का स्वागत किया।

आलोक उमाकृष्ण

Police Meeting Before Kanwar Utsav 2026: अकोला जिले में कांवड़ उत्सव 2026 शांतिपूर्ण, अनुशासित और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हो, इसके लिए पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक के मार्गदर्शन में समन्वय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी थानों के प्रभारी, कांवड़-पालकी मंडलों के पदाधिकारी और शिवभक्त बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक का प्रास्ताविक उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुदर्शन पाटिल ने किया।

उन्होंने उत्सव के दौरान पुलिस द्वारा की जाने वाली सुरक्षा और बंदोबस्त की जानकारी दी। इसके बाद एपीआई ढोले ने गांधीग्राम क्षेत्र में कांवड़ उत्सव के संदर्भ में वर्तमान स्थिति और पुलिस उपायों की जानकारी दी।

यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर हुई चर्चा

समन्वय बैठक में शिवभक्त मंडलों के पदाधिकारियों और शांति समिति के सदस्यों ने पुलिस अधिकारियों के साथ कांवड़ उत्सव की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की। उत्सव को शांतिपूर्ण, अनुशासित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए यातायात व्यवस्था, शोभायात्रा के दौरान संभावित परेशानियों और अन्य आवश्यक मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने उत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की। बैठक में कांवड़-पालकी मंडलों के पदाधिकारियों ने विशेष रूप से नशामुक्त वातावरण में उत्सव आयोजित करने का संकल्प लिया। पुलिस विभाग ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे अनुशासित और सकारात्मक आयोजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

शांति और भाईचारा बना रहे

पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक ने कांवड़ उत्सव की जिले में चली आ रही परंपरा और आयोजन की भव्यता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोगों के बीच आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश भी देता है।

उन्होंने सभी कांवड़-पालकी मंडलों, शिवभक्तों और नागरिकों से उत्सव के दौरान शांति, अनुशासन और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। चांडक ने कहा कि प्रशासन और पुलिस के साथ सहयोग करते हुए सभी नियमों का पालन करना जरूरी है, ताकि उत्सव शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि अकोला के कांवड़ उत्सव की भव्यता और विशिष्टता को देखते हुए इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया जाना चाहिए। इससे जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया में नई पहचान मिलेगी।

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