पीठ पर पति को अस्पताल में महिला (सोर्स: सोशल मीडिया) 
अकोला

अकोला में व्हीलचेयर नहीं मिली तो बीमार पति को पीठ पर लादकर भटकती रही बेबस पत्नी, डीन ने दिए सख्त जांच के आदेश

Akola Medical College News: अकोला के सरकारी अस्पताल से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना। व्हीलचेयर न मिलने पर बीमार पति को पीठ पर लादकर भटकती रही बेबस महिला, वीडियो वायरल होने के बाद जांच के आदेश।

गोरक्ष पोफली

Woman Carries Sick Husband On Back: अकोला के एक सरकारी अस्पताल से मानवता को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ एक महिला को अपने बीमार पति को पीठ पर लादकर इलाज के लिए एक विभाग से दूसरे विभाग भटकना पड़ा। इस हृदयविदारक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महाराष्ट्र की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और कर्मचारियों की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला शुक्रवार, 5 जून 2026 को अकोला के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध सर्वोपचार अस्पताल में दोपहर करीब 12:30 बजे का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक महिला अपने पति की बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे तुरंत चिकित्सा सहायता दिलाने के लिए अस्पताल लेकर आई थी। अस्पताल पहुंचने के बाद उसने वहां मौजूद वार्ड बॉय, नर्सों और डॉक्टरों से मदद की गुहार लगाई और स्ट्रेचर या व्हीलचेयर की मांग की, लेकिन आरोप है कि किसी भी स्तर पर उसे कोई प्रतिक्रिया या सहायता नहीं मिली।

मजबूरी और प्रशासनिक उपेक्षा

जब काफी मिन्नतों के बाद भी कोई मदद नहीं मिली, तो बेबस महिला ने अपने बीमार पति को अपनी पीठ पर उठाया और अस्पताल के विभिन्न गलियारों और विभागों में दौड़ने लगी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरी घटना तब हुई जब अस्पताल का बाह्य रोगी विभाग (OPD) पूरी तरह सक्रिय था और वहां बड़ी संख्या में चिकित्सा कर्मचारी मौजूद थे। अस्पताल परिसर में मौजूद कुछ नागरिकों ने इस दृश्य का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और सार्वजनिक नाराजगी का कारण बना हुआ है।

अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है। सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय, अकोला के डीन डॉ. संजय सोनुने ने इस घटना पर बयान देते हुए कहा कि मामले की विस्तार से जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित मरीज को किस विभाग में ले जाया गया था और उस समय ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने क्या कार्यवाही की।

डॉ. सोनुने ने आश्वासन दिया है कि यदि जांच में किसी भी कर्मचारी की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना अकोला जिले के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की कार्यशैली और वहां आने वाले गरीब मरीजों के प्रति कर्मचारियों के व्यवहार पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाती है।

हेमंत कैबिनेट के 53 बड़े फैसले: 100 उत्कृष्ट स्कूल, 606 थानों में CCTV, मेडिकल कॉलेजों को करोड़ों की सौगात

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, महाराष्ट्र में समंदर के नीचे से पहाड़ों तक, एक साथ चल रहा काम

FREMAA Recruitment 2026: IT असिस्टेंट समेत 12 पदों पर भर्ती, 40,000 तक सैलरी; 6 सितंबर तक करें आवेदन

आंध्र प्रदेश में खौफनाक वारदात, श्रीशैलम के लॉज में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत; 3 दिन से बंद था कमरा

क्या राजनीति छोड़ रहे हैं नितिन गडकरी? संन्यास की अटकलों पर केंद्रीय मंत्री ने तोड़ी चुप्पी, जानिए पूरा सच