Akola Bogus Soybean Seeds: अकोला जिले में बोगस सोयाबीन बीज के मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। किसानों द्वारा तहसील स्तरीय शिकायत निवारण समिति के पास दर्ज कराई गई 10,485 शिकायतों में से 9,321 शिकायतों की जांच पूरी हो चुकी है। इनमें से 8,925 शिकायतों में क्षेत्रीय अधिकारियों और समिति द्वारा की गई जांच में तथ्य पाए गए हैं। इन शिकायतों के चलते जिले में 12,155 हेक्टेयर यानी करीब 30,387 एकड़ क्षेत्र प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। इससे संबंधित बीज कंपनियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
इस वर्ष खरीफ सीजन में शुरुआत से ही बारिश ने किसानों को परेशान किया। बारिश में देरी के कारण किसानों को देर से बुआई करनी पड़ी। इसके बाद कई क्षेत्रों में सोयाबीन के बीज अंकुरित नहीं होने की शिकायतें सामने आईं। किसानों का आरोप है कि भ्रामक विज्ञापनों के जरिए कंपनियों ने उन्हें घटिया अथवा बोगस सोयाबीन बीज बेचे। कृषि विभाग द्वारा बीजों के नमूने अधिकृत प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजे गए थे।
जांच में कुछ नमूनों पर पैकेट में किए गए दावे बीज नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए। साथ ही विश्लेषण में संबंधित बीज निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने की रिपोर्ट भी प्राप्त हुई थी। इस मामले को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में जिले के जनप्रतिनिधियों की बैठकें हुईं। महाराष्ट्र विधानमंडल के मानसून सत्र में भी बोगस बीज का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा था। कृषि मंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब किसानों की नजर सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।
बोगस सोयाबीन बीज मामले में रवि सीड्स, बूस्टर प्लांट जेनेटिक्स, एश्योर सीड्स, महालक्ष्मी क्रॉप, ओसवाल सीड्स, विगर सीड्स, ईगल सीड्स, ऑस्कर सीड्स, ग्रीन गोल्ड सीड्स, दफ्तरी सीड्स, अंकुर सीड्स और बाफना सीड्स सहित संबंधित कंपनियों के खिलाफ रामदास पेठ, सिटी कोतवाली, एमआईडीसी, तेल्हारा, अकोट शहर, मुर्तिजापुर शहर, बार्शीटाकली, बालापुर और पातुर पुलिस थानों में कुल 13 मामले दर्ज किए गए हैं। मामले की गहन जांच के लिए अकोला पुलिस दल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी। चंद्रकांत रेड्डी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है। शिकायतों में तथ्य पाए जाने के बाद संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।
जिले के किसानों ने सोयाबीन बीज अंकुरित नहीं होने की शिकायतें तहसील स्तरीय शिकायत निवारण समितियों के समक्ष दर्ज कराई थीं। क्षेत्रीय अधिकारियों और समितियों द्वारा शिकायतों की जांच अंतिम चरण में है। जांच पूरी होने के बाद जल्द ही सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी, ऐसी जानकारी प्रभारी जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी डॉ. तुषार जाधव ने दी।
जिले में सबसे अधिक 2,416 शिकायतों में मुर्तिजापुर तहसील में तथ्य पाए गए हैं। इसके बाद पातुर में 1,572, बार्शीटाकली में 1,454 और अकोला तहसील में 1,398 शिकायतों में तथ्य सामने आए हैं। अब सरकार स्तर पर होने वाली कार्रवाई से प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।