Akola Agriculture Department: खरीफ सीजन के दौरान किसानों को बीज, खाद एवं कृषि सामग्री की खरीद में किसी प्रकार की ठगी का सामना न करना पड़े, इसके लिए कृषि विभाग ने जिले के कृषि सेवा केंद्रों पर कड़ी नजर रखते हुए कार्रवाई की है। जांच और सुनवाई के बाद अनियमितता पाए जाने पर 7 कृषि सेवा केंद्रों के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए हैं, जबकि 3 केंद्रों के लाइसेंस एक से दो माह के लिए निलंबित किए गए हैं। वहीं 6 अन्य केंद्रों को कमियों के संबंध में कड़ी चेतावनी दी गई है।
कृषि अधिकारी गुण नियंत्रण, तहसील कृषि अधिकारी कार्यालय एवं पंचायत समिति के कृषि अधिकारियों द्वारा जिले में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान 16 कृषि सेवा केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में ईपॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और दूकान में उपलब्ध वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। कई केंद्रों पर स्टॉक बोर्ड और वर्तमान दर सूची अद्यतन नहीं थी। इसके अलावा किसानों को वैध पक्की रसीद नहीं देना, निर्धारित प्रारूप में बिल जारी नहीं करना तथा लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रमाण पत्र ग्राहकों को दिखाई देने वाले स्थान पर प्रदर्शित नहीं करना जैसी कमियां पाई गईं।
इन मामलों में जिला स्तर पर सुनवाई की गई, लेकिन संबंधित केंद्रों की ओर से संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिए जाने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की।इन पर हुई कार्रवाईस्थायी रूप से लाइसेंस रद्द किए गए केंद्रों में अकोट तहसील के बोर्डी स्थित राय कृषि सेवा केंद्र, अकोली जहांगीर के मोहन ट्रेडर्स, तेल्हारा तहसील के तलेगांव बु. का महालक्ष्मी कृषि सेवा केंद्र, पातुर तहसील के सस्ती स्थित शिवशक्ति एग्रोटेक, पातुर के खानापुर रोड स्थित शेतकरी कृषि सेवा केंद्र, वाडेगांव का बलीराजा कृषि सेवा केंद्र तथा बादलापुर की जगदंब एग्रो एजेंसीज एवं एग्रोटेक शामिल हैं।
इसके अलावा बालापुर तहसील के निंबा फाटा स्थित आपलं ग्रोमर कृषि सेवा केंद्र का लाइसेंस एक माह के लिए, तेल्हारा तहसील के वारखेड स्थित शेतकरी पुत्र कृषि सेवा केंद्र का लाइसेंस दो माह के लिए तथा कापशी रोड स्थित मातोश्री कृषि सेवा केंद्र का लाइसेंस एक माह के लिए निलंबित किया गया है।
कृषि अधिकारी मुरली इंगले ने कहा कि कृषि विभाग के अनुसार जिले में खरीफ सीजन के लिए बीज और खाद का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। किसानों को खरीदारी करते समय विक्रेता से निर्धारित प्रारूप का पक्का बिल लेना चाहिए तथा बिल में लॉट नंबर, बैच नंबर और सही कीमत अंकित होने की जांच करनी चाहिए। किसानों को केवल पंजीकृत और प्रतिष्ठित कंपनियों की कृषि सामग्री खरीदने की सलाह दी गई है।