Ahilyanagar Ahilya Bhavan (सोर्सः सोशल मीडिया) 
अहमदनगर

अहिल्यानगर में बनेगा ‘अहिल्या भवन’, महिलाओं और बच्चों की 13 सेवाएं मिलेंगी एक ही छत के नीचे

Ahilya Bhavan Project: अहिल्यानगर में महिलाओं और बच्चों की योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से ‘अहिल्या भवन’ बनाने को मंजूरी मिली है।

आंचल लोखंडे

Women Empowerment Schemes Maharashtra: महिलाओं और बच्चों के लिए लागू की गई अलग-अलग योजनाओं को तेज़ और आसान बनाने और उन्हें असरदार तरीके से लागू करने के लिए, अहिल्यानगर ज़िले ने 'महिला और बाल विकास बिल्डिंग' (अहिल्या भवन) बनाने को मंज़ूरी दी है। इससे एक ही छत के नीचे 13 डिपार्टमेंट और करीब 110 अधिकारियों और कर्मचारियों को सुविधाएं मिलेंगी। राज्य के जल संसाधन और ज़िले के पालक मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की पहल, ज़िला कलेक्टर डॉ. पंकज आसिया की बारीकी से की गई प्लानिंग और ज़िला महिला और बाल विकास अधिकारी संजय कदम की लगातार कोशिशों की वजह से इस बड़े प्रोजेक्ट को रफ़्तार मिली है।

हालांकि ज़िले में महिला और बाल विकास विभाग के तहत अलग-अलग योजनाएं अलग-अलग चल रही हैं, लेकिन लोगों को उनका फ़ायदा उठाने के लिए अलग-अलग दफ़्तरों में जाना पड़ता था। इस प्रोसेस में समय, मेहनत और रिसोर्स बर्बाद होते हैं। इस पृष्ठभूमि में, सरकार ने सभी सेवा एक ही छत के नीचे देने का फैसला किया है। 'अहिल्या भवन' के कॉन्सेप्ट के तहत बनने वाले इस सेंटर को महिला एम्पावरमेंट के लिहाज़ से एक अहम कदम माना जा रहा है।

सभी सुविधाएं उपलब्ध

महिला एवं बाल विकास भवन अहिल्या भवन के बनने से विभाग की सभी सेवाएं एक साथ उपलब्ध होंगी। नागरिकों को एक ही जगह पर सभी सुविधाएं मिलने से समय की बचत होगी और योजनाओं का लाभ तेजी से मिलेगा। यह भवन महिला सशक्तिकरण के लिए एक सक्षम प्लेटफॉर्म बनेगा।

ज़्यादा तालमेल बनाना आसान होगा

महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का असर बढ़ाने के लिए यह इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत ज़रूरी होगा। खासकर महिला सशक्तिकरण, बच्चों की सुरक्षा, पोषण, शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में, ज़्यादा तालमेल होने से प्रशासन की कुशलता बढ़ेगी।

कलेक्टर ऑफिस के पास बनेगी बिल्डिंग

इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 15 करोड़ रुपये के फंड को एडमिनिस्ट्रेटिव मंज़ूरी मिल गई है। इसके लिए डिस्ट्रिक्ट एनुअल प्लान से फंड अवेलेबल कराए गए हैं। पहले फेज़ में 8 करोड़ रुपये का फंड दिया जा चुका है, और अगले दो सालों में इस बिल्डिंग का काम पूरा करने का प्लान है। चूंकि साइट कलेक्टर ऑफिस एरिया में तय की गई है, इसलिए यहां लोगों का आसानी से पहुंचना भी मुमकिन होगा।

बिल्डिंग में कई ऑफिस होंगे

इस बिल्डिंग में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी का ऑफिस, डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन सेल, महिला आर्थिक विकास निगम, राज्य महिला आयोग, बाल विकास परियोजना ऑफिस, चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल न्याय बोर्ड, महिला सशक्तिकरण केंद्र वगैरह जैसे ऑफिस होंगे। इससे लाभार्थियों को अलग-अलग जगहों पर जाने की ज़रूरत नहीं होगी। एक ही छत के नीचे योजनाओं का फ़ायदा उठाना आसान होगा।

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