Highlights:
सिवनी के मेहता गांव सहित आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं ने शराबबंदी की मांग उठाई।
कच्ची और पक्की शराब की बिक्री बंद कराने के लिए लखनादौन-मंडला मार्ग पर चक्काजाम किया।
प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगीं।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि शिकायतों और ज्ञापनों के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
मांग पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
Seoni Liquor Ban Protest : सिवनी जिले में अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ महिलाओं का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। मेहता गांव सहित आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं ने कच्ची और पक्की शराब की बिक्री पूरी तरह बंद कराने की मांग को लेकर लखनादौन-मंडला मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन प्रभावित हुआ। महिलाओं ने प्रशासन से क्षेत्र में तत्काल शराबबंदी लागू करने की मांग की।
मेहता गांव और आसपास के क्षेत्रों की महिलाएं क्षेत्र में शराब की बिक्री को लेकर नाराज हैं। महिलाओं का कहना है कि इलाके में कच्ची और पक्की शराब की बिक्री बंद होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और लखनादौन से मंडला जाने वाले मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र में शराब की बिक्री पूरी तरह बंद कराना चाहती हैं।
सिवनी में प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप है कि क्षेत्र में शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए वे लगातार प्रशासन को ज्ञापन और आवेदन दे रही थीं। इसके बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध करना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की।
महिलाओं के चक्काजाम के चलते लखनादौन-मंडला मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन की सूचना पुलिस प्रशासन को दे दी गई है। अब प्रशासन के मौके पर पहुंचने और महिलाओं से बातचीत कर रास्ता खुलवाने की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर नजर है।
महिलाओं ने मांग की है कि क्षेत्र में कच्ची और पक्की शराब की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि जब तक शराबबंदी की मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो वे इससे भी बड़ा आंदोलन करेंगी। अब देखना होगा कि प्रशासन महिलाओं की मांगों पर क्या कार्रवाई करता है और क्षेत्र में शराब की बिक्री रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।