Environmental Conservation Unique Initiative Sehore: सीहोर, में प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने और जंगलों को फिर से हरा-भरा करने के उद्देश्य से सीहोर जिले में वन विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। मानसून के इस मौसम में पर्यावरण को समृद्ध बनाने के लिए वन भूमि पर खाली पड़ी जगहों को चिह्नित कर पौधे लगाए जा रहे हैं।
अभियान को धरातल पर पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जिला वन मंडलाधिकारी (DFO) अर्चना पटेल स्वयं कमान संभाले हुए हैं और लगातार विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर पौधारोपण कार्यों का जायजा ले रही हैं।
जंगल को हरा-भरा और सुरक्षित बनाने के लिए वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। जिला अधिकारी अर्चना पटेल वृक्षारोपण की गुणवत्ता, गड्ढों की खुदाई, और पौधों के सही चुनाव को लेकर मातहत कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि केवल पौधे लगाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता है।
पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए सीहोर जिले में हर वर्ष इस तरह का पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच यह पौधरोपण प्रकृति और पर्यावरण का ख्याल रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वन विभाग का मानना है कि समय पर किए गए ये प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण तैयार करेंगे।
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जल संरक्षण के लिए जंगलों का होना बेहद अनिवार्य है। घने जंगल न केवल भू-जल स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं बल्कि वर्षा चक्र को भी नियंत्रित रखते हैं। इसी सोच के साथ जंगल की रक्षा करने वाले जांबाज वनरक्षक (फॉरेस्ट गार्ड) भीषण परिस्थितियों में भी मुस्तैदी से वृक्षारोपण और उनकी सुरक्षा में जुटे हुए हैं। वन विभाग की इस सामूहिक मेहनत से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में सीहोर जिले का हरित क्षेत्र (ग्रीन कवर) काफी समृद्ध होगा।
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