सागर में शव सड़क पर रखकर चक्काजाम (सोर्स- सोशल मीडिया)
सागर

सागर में शव सड़क पर रखकर चक्काजाम; मुक्तिधाम की जगह को लेकर ग्रामीणों का विरोध

Sagar Road Blockade Protest: ग्वालीपुरा रैयातबाड़ी में अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिलने पर प्रदर्शन, डेढ़ घंटे तक रोड पर लगा जाम, जगह मिलने के बाद खत्म हुआ विरोध।

सरजू पटेल, सजल रघुवंशी

Dead Body Protest Sagar: सागर में मुक्तिधाम के लिए जगह नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। मामला ग्राम पथरिया जाट के ग्वालीपुरा रैयातबाड़ी का है। गांव के 50 वर्षीय उमाशंकर यादव के निधन के बाद अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिलने पर ग्रामीण शव लेकर यूनिवर्सिटी रोड स्थित वैली कैंपस के सामने पहुंच गए।

ग्रामीण अपने साथ अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी और अन्य जरूरी सामग्री भी ट्रैक्टर-ट्रॉली में लेकर आए थे। उन्होंने शव सड़क पर रखकर मुक्तिधाम के लिए स्थायी जगह उपलब्ध कराने की मांग की। विरोध के चलते पथरिया-यूनिवर्सिटी रोड पर करीब डेढ़ घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

जगह नहीं मिली तो सड़क पर अंतिम संस्कार की चेतावनी

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के सामने स्पष्ट कहा कि यदि अंतिम संस्कार के लिए जगह उपलब्ध नहीं कराई गई तो वे सड़क पर ही शव का अंतिम संस्कार करेंगे। चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसके बाद विश्वविद्यालय के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और प्रशासन एवं विश्वविद्यालय के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। काफी देर की चर्चा के बाद शुक्रवार को उमाशंकर यादव के अंतिम संस्कार के लिए जगह उपलब्ध कराई गई। जगह मिलने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हो सका।

वैली कैंपस बनने के बाद बंद हुआ मुक्तिधाम

ग्रामीणों का कहना है कि ग्वालीपुरा रैयातबाड़ी का मुक्तिधाम पहले वैली कैंपस के अंदर था। कैंपस का निर्माण होने के बाद विश्वविद्यालय की ओर से मुक्तिधाम को बंद कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराई गई, लेकिन वहां भी कुछ लोगों द्वारा आपत्ति जताए जाने की बात सामने आई। ग्रामीणों के मुताबिक, इस स्थिति के कारण गांव में अंतिम संस्कार को लेकर लगातार परेशानी बनी हुई है। जिन परिवारों के पास अपनी जमीन या खेत नहीं हैं, उनके सामने शव के अंतिम संस्कार की समस्या और गंभीर हो जाती है।

अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर सड़क पर पहुंचे ग्रामीण

शुक्रवार को उमाशंकर यादव की मौत के बाद जब अंतिम संस्कार के लिए जगह की समस्या सामने आई, तो ग्रामीण शव को लेकर यूनिवर्सिटी रोड पर पहुंच गए। उनके साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली में लकड़ी और अंतिम संस्कार की अन्य सामग्री भी थी। ग्रामीणों का कहना था कि वे लंबे समय से मुक्तिधाम के लिए स्थायी जगह की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से उन्हें मजबूरी में शव सड़क पर रखकर विरोध करना पड़ा।

सोमवार को मुक्तिधाम की जगह चिह्नित करने का आश्वासन

पथरिया सरपंच प्रमोद यादव ने बताया कि ग्वालीपुरा रैयातबाड़ी का मुक्तिधाम पहले वैली कैंपस में था, जिसे विश्वविद्यालय ने बिना नोटिस दिए बंद कर दिया। इसके बाद से ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास अपने खेत नहीं हैं, उनके सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे अंतिम संस्कार कहां करें। वहीं जनपद सदस्य मोंटू यादव ने बताया कि प्रशासन और विश्वविद्यालय के अधिकारियों से बातचीत हुई है। शुक्रवार को अंतिम संस्कार के लिए जगह उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही सोमवार को प्रशासन के साथ ग्वालीपुरा में मुक्तिधाम के लिए स्थायी जगह चिह्नित कर तय करने का आश्वासन दिया गया है।

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