बीएमसी में नई तकनीक से होगा सर्वाइक पेन का इलाज (प्रतीकात्मक इमेज- एआई जनरेटेड)
सागर

गर्दन दर्द का 10 रुपये में इलाज? सागर BMC में सर्वाइकल पेन के लिए नई तकनीक, आधे घंटे में घर लौट सकता है मरीज

Neck Pain Treatment BMC Sagar: गर्दन और हाथों के दर्द से परेशान मरीजों के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में राहत की खबर, पेन क्लिनिक में सर्वाइकल एपिड्यूरल स्टीरॉयड इंजेक्शन से बिना सर्जरी के इलाज।

सरजू पटेल, सजल रघुवंशी

Sagar BMC Cervical Pain Treatment: अगर आप लंबे समय से गर्दन के दर्द, हाथों में झुनझुनी या गर्दन से हाथ तक जाने वाले दर्द से परेशान हैं, तो मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में इसका एक वैकल्पिक उपचार उपलब्ध है। यहां एनेस्थीसिया विभाग और पेन क्लिनिक में सर्वाइकल एपिड्यूरल स्टीरॉयड इंजेक्शन की सुविधा दी जा रही है। खास बात यह है कि सरकारी अस्पताल में यह उपचार बेहद कम शुल्क में उपलब्ध होने का दावा किया गया है। हालांकि, यह उपचार हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होता और डॉक्टर की जांच के बाद ही इसका निर्णय लिया जाता है।

अक्सर सर्वाइकल दर्द होने पर लोग गर्दन को स्थिर रखने के लिए कॉलर या पट्टा पहनते हैं। इससे कुछ समय के लिए दर्द और गर्दन की गतिविधि में राहत मिल सकती है, लेकिन यह हमेशा स्थायी समाधान नहीं होता।

गंभीर गर्दन और हाथ के दर्द का इंजेक्शन से हो सकता है उपचार

डॉक्टरों के मुताबिक गर्दन के साथ हाथ में दर्द, झुनझुनी या नसों से जुड़ी परेशानी को सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी जैसी समस्या से जोड़ा जा सकता है। गंभीर मामलों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन कुछ मरीजों में इंजेक्शन आधारित उपचार एक विकल्प हो सकता है।

एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. सर्वेश जैन ने क्या कहा?

सागर जिले के बीएमसी के एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. सर्वेश जैन के अनुसार, सर्वाइकल एपिड्यूरल प्रक्रिया में सी-आर्म मशीन यानी लाइव एक्स-रे गाइडेंस की मदद से सुई को प्रभावित हिस्से तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद दवा दी जाती है। प्रक्रिया के बाद मरीज की निगरानी की जाती है और उपयुक्त स्थिति में कुछ समय बाद उसे घर भेजा जा सकता है।

प्रशिक्षित एनेस्थीसिया और पने मैनेजमेंट विशेषज्ञों द्वारा की जाती है प्रक्रिया

यह प्रक्रिया प्रशिक्षित एनेस्थीसिया और पेन मैनेजमेंट विशेषज्ञों द्वारा की जाती है। डॉक्टर के अनुसार, हर मरीज के लिए यह प्रक्रिया नहीं की जाती। मरीज की बीमारी, जांच और जरूरत के आधार पर ही उपचार का फैसला लिया जाता है।

बेहद कम शुल्क में होगा असरदार इलाज

खास बात यह है कि निजी अस्पतालों में महंगे उपचार के मुकाबले सरकारी मेडिकल कॉलेज में पात्र मरीजों को यह सुविधा बेहद कम शुल्क में मिल रही है। हालांकि, 100 प्रतिशत सफलता या हर मरीज में स्थायी राहत की गारंटी मानना उचित नहीं है। किसी भी प्रक्रिया से पहले विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह और जरूरी जांच बेहद जरूरी है।

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