मुरैना पुलिस ने मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति को पहुंचाया अपने घर (सोर्स- सोशल मीडिया)
मुरैना

18 साल बाद मिला बिछड़ा भाई; मुरैना पुलिस की सूझबूझ और मानवीय पहल ने बिहार के परिवार को दी बड़ी खुशी

Morena Police Reunites Family: मानसिक रूप से कमजोर हालत में सड़कों पर घूम रहा था युवक, देवगढ़ थाना प्रभारी को मिला, सिर्फ गांव का नाम बताया, इंटरनेट की मदद से दरभंगा तक पहुंची मुरैना पुलिस।

योगेश पाराशर, सजल रघुवंशी

Missing Brother Found After 18 Years Morena: मुरैना पुलिस की एक मानवीय पहल ने 18 साल से बिछड़े भाई को उसके परिवार से मिला दिया। बिहार के दरभंगा का एक मानसिक रूप से कमजोर युवक करीब 18 साल पहले घर से निकल गया था और फिर कभी वापस नहीं लौटा। परिवार ने भी उसके लौटने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। लेकिन मुरैना के देवगढ़ थाना प्रभारी को यह युवक सड़क पर घूमता मिला। पुलिस ने पहले उसकी देखभाल की और फिर इंटरनेट की मदद से उसके गांव का पता लगाकर परिवार तक पहुंचने का रास्ता खोज निकाला। बुधवार को युवक का भाई और गांव के लोग मुरैना पहुंचे और उसे अपने साथ बिहार ले गए।

जानकारी के अनुसार देवगढ़ थाना प्रभारी जयपाल सिंह गुर्जर को सड़क पर एक मानसिक रूप से कमजोर युवक घूमता हुआ मिला था। थाना प्रभारी उसे अपने साथ थाने लेकर आए। पुलिस ने पहले युवक को नहलाया और खाना खिलाया। इसके बाद उससे नाम-पता पूछने का प्रयास किया गया, लेकिन युवक अपना नाम या घर का पता बताने की स्थिति में नहीं था।

पुलिस ने लगातार की युवक से बातचीत, दो दिन बाद बताया गांव का नाम

पुलिस ने लगातार युवक से बातचीत की। करीब दो दिन बाद युवक ने अपने गांव का नाम 'सिरनिया' बताया। पुलिस के सामने चुनौती थी कि सिर्फ गांव के नाम के आधार पर उसके परिवार तक कैसे पहुंचा जाए। इसके बाद पुलिस ने इंटरनेट की मदद से सिरनिया गांव को तलाशना शुरू किया। पड़ताल में पता चला कि सिरनिया गांव बिहार के दरभंगा जिले में है।

मुरैना पुलिस ने दरभंगा पुलिस से किया संपर्क

इसके बाद देवगढ़ थाना प्रभारी ने दरभंगा पुलिस से संपर्क किया और युवक का फोटो भी भेजा। दरभंगा पुलिस फोटो लेकर सिरनिया गांव पहुंची। वहां युवक के भाई सीताराम मल्लाह ने फोटो देखते ही उसे पहचान लिया। परिवार को पता चला कि 18 साल से लापता रघुवीर मुरैना में पुलिस के पास सुरक्षित है।

लंबे समय तक सुराग नहीं मिलने से परिवार की उम्मीदें हुई खत्म

भाई के मुरैना जिले में होने की खबर मिलते ही सीताराम और गांव के कुछ लोग बुधवार को देवगढ़ थाना पहुंचे। पुलिस ने उनसे रघुवीर के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि वह करीब 18 साल पहले घर से लापता हो गया था। परिवार ने लंबे समय तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने के बाद उसकी वापसी की उम्मीद भी लगभग खत्म हो गई थी।

मुरैना पुलिस ने बिहार से आए परिजन और ग्रामीणों को किया सुपुर्द

पुलिस ने पहचान और परिवार से जुड़े तथ्यों की पूरी तरह पुष्टि करने के बाद रघुवीर को उसके भाई सीताराम और ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया। 18 साल बाद भाई को सामने देखकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रघुवीर के पिता का निधन हो चुका है और गांव में उसके भाई-बहन ही रहते हैं।

7.8% नहीं 2.6% है GDP ग्रोथ, आंकड़ों में हेरफेर कर झूठ परोस रही मोदी सरकार? जानें क्यों मचा है सियासी बवाल

Ram Mandir Trust Decisions: पहले CEO जितेंद्र मिश्रा, गोविंद गिरी महासचिव, राम मंदिर में किसे क्या जिम्मेदारी?

भावनगर पारा यार्ड रिमॉडलिंग को रेलवे की मंजूरी; ₹125 करोड़ से होगा अपग्रेड, जानें प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं

Kal Ka Mausam : यूपी-बिहार समेत 19 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, 70 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी... नितिन गडकरी का बदलेगा मंत्रालय! महाराष्ट्र से किसे मिलेगी जगह?