Morena Excise Officials Bribery Allegations: मुरैना आबकारी विभाग एक बार फिर विवादों में है। सोशल मीडिया पर शराब ठेकेदार और आबकारी अधिकारियों के बीच कथित लेन-देन से जुड़े तीन ऑडियो और एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन ऑडियो में शराब दुकानों के कथित "महीने" की रकम तय करने, माल की सप्लाई और भुगतान को लेकर बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन ऑडियो-वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार वायरल ऑडियो को मुरैना शहर के इस्लामपुरा और नैनागढ़ रोड स्थित शराब दुकानों के ठेकेदार रामवीर गुर्जर तथा आबकारी अधिकारी पारस गौतम और सहायक आबकारी अधिकारी निधि गुप्ता के बीच हुई बातचीत बताया जा रहा है। पहले ऑडियो में कथित तौर पर दो शराब दुकानों के लिए हर दुकान से 25-25 हजार रुपये महीने की मांग की जा रही है। ठेकेदार दुकानों के घाटे का हवाला देते हुए रकम कम करने की बात करता है, जबकि बातचीत में अवैध शराब की बिक्री और बकाया भुगतान का भी जिक्र सुनाई देता है।
दूसरे ऑडियो में कथित तौर पर ठेकेदार शराब की पर्याप्त सप्लाई नहीं मिलने की शिकायत करता है। इस दौरान आबकारी अधिकारी उससे सहायक आबकारी अधिकारी के साथ लेन-देन का मुद्दा पूछती सुनाई देती हैं। ठेकेदार जवाब देता है कि अभी कोई भुगतान नहीं हुआ है, जिस पर अधिकारी कहती हैं कि थोड़ा देख लो, और आगे बात करने की बात करती हैं।
तीसरे ऑडियो में भी शराब की सप्लाई नहीं मिलने और भुगतान को लेकर चर्चा सुनाई देती है। ठेकेदार कथित तौर पर कहता है कि दोनों दुकानों के पांच-पांच हजार रुपये देने की बात हुई थी और माल आते ही भुगतान कर दिया जाएगा। जवाब में सहायक आबकारी अधिकारी मामले में बात करने का आश्वासन देती सुनाई देती हैं।
ऑडियो के अलावा एक वीडियो भी वायरल है, जिसमें शराब ठेकेदार और शराब भंडार गृह प्रभारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी नीरज त्रिवेदी के बीच स्टॉक स्वीकृत करने को लेकर तीखी बहस दिखाई दे रही है। ठेकेदार करोड़ों रुपये निवेश और एक्साइज ड्यूटी जमा करने के बावजूद शराब की सप्लाई नहीं मिलने की शिकायत करता है। वहीं अधिकारी कहते हैं कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और यदि कहीं गलती होगी तो कार्रवाई होगी। साथ ही वे यह भी कहते हैं कि माल उपलब्ध होता तो पहले ही दे दिया जाता।
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मामले पर आबकारी अधिकारी पारस गौतम ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि सहायक आबकारी अधिकारी निधि गुप्ता से संपर्क नहीं हो सका। फिलहाल वायरल ऑडियो और वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि इनकी सत्यता साबित होती है तो यह मामला आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार और शराब कारोबार में लेन-देन के गंभीर आरोपों को उजागर कर सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करता है।
https://youtu.be/UAF458ioXFI?si=ArRANJkjDw7qeE9s