खंडवा में किसानों का अनोखा विरोध प्रदर्शन फोटो सोर्स- नवभारत
खण्डवा

खंडवा: कलेक्टर कार्यालय में किसानों का अनोखा विरोध, अधिकारी नहीं मिले तो कुत्ते को सौंप दिया ज्ञापन

Khandwa Collector Office Protest : खंडवा में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे किसानों ने अधिकारी नहीं मिलने पर श्वान के गले में ज्ञापन टांगकर विरोध जताया। हाईवे प्रभावितों के लिए चार गुना मुआवजे की मांग की।

नितिन झवर, प्रीतेश जैन

Khandwa Farmers Protest : खंडवा में नेशनल हाईवे और इंदिरा सागर बांध से प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्का के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। किसानों का कहना था कि प्रभावित परिवार लंबे समय से मुआवजा, पुनर्वास और दूसरी मांगों को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।

किसानों ने कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखने की कोशिश की, लेकिन अधिकारी नहीं मिले। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने एक श्वान के गले में ज्ञापन टांग दिया। किसानों ने कहा कि जब उनकी समस्याएं सुनने वाला कोई अधिकारी मौजूद नहीं है, तो इसी तरह अपना ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है।

हाईवे प्रभावित किसानों के लिए चार गुना मुआवजे की मांग

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले किसानों को चार गुना मुआवजा देने की मांग की। संगठन का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बाद प्रभावित किसानों को उचित मुआवजे के साथ पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। किसानों ने इस मामले में प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।

इंदिरा सागर बांध के विस्थापितों का मुद्दा भी उठाया

प्रदर्शन के दौरान इंदिरा सागर बांध के डूब प्रभावित परिवारों की समस्याएं भी उठाई गईं। किसानों ने कहा कि परियोजना से विस्थापित परिवारों को अभी भी मुआवजा, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महासंघ ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की।

मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी

किसानों ने कहा कि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। महासंघ ने प्रशासन से प्रभावित किसानों और विस्थापित परिवारों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनकर उनका निराकरण करने की मांग की।

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