जबलपुर हाई कोर्ट (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
जबलपुर

जबलपुर: हाईकोर्ट में विशेष बेंच करेगी प्रमोशन में आरक्षण मामले पर सुनवाई, चीफ जस्टिस ने खुद को केस से किया अलग

MP Reservation In Promotion: पदोन्नति में आरक्षण विवाद पर एमपी हाई कोर्ट का बड़ा आदेश अंतरिम रोक से इनकार, जस्टिस विवेक रूसिया अलग हुए, इसी सप्ताह बनेगी स्पेशल बेंच।

सजल रघुवंशी

Jabalpur High Court On Reservation In Promotion: मध्य प्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण को लेकर वर्षों से चल रहे कानूनी विवाद ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। जबलपुर हाई कोर्ट ने फिलहाल पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगाने या किसी भी पक्ष को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की अंतिम सुनवाई अब विशेष (स्पेशल) बेंच करेगी, जिसका गठन एक-दो दिन में किए जाने की संभावना है। माना जा रहा है कि इसी सप्ताह इस बहुचर्चित मामले पर विस्तृत सुनवाई शुरू हो सकती है।

सुनवाई के दौरान जस्टिस विवेक रूसिया ने खुद को किया अलग

मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ के समक्ष चल रही थी। अंतरिम राहत को लेकर दोनों पक्षों की ओर से विस्तार से दलीलें रखी जा रही थीं। इसी दौरान आरबी राय प्रकरण का उल्लेख हुआ, जिस पर जस्टिस विवेक रूसिया ने बताया कि वह पूर्व में इस मामले में अधिवक्ता के रूप में पेश हो चुके हैं। न्यायिक निष्पक्षता और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने स्वयं को सुनवाई से अलग (रिक्यूज) कर लिया। इसके बाद खंडपीठ ने आदेश जारी करते हुए कहा कि फिलहाल न तो पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगाई जाएगी और न ही किसी पक्ष को अंतरिम राहत दी जाएगी।

दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने रखीं अपनी दलीलें

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस. वैद्यनाथन ने पक्ष रखा। वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा और नमन नगरथ ने अपनी दलीलें पेश कीं। अजाक संघ की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह सहित अन्य अधिवक्ताओं ने भी अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। सभी पक्षों ने पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े संवैधानिक और कानूनी पहलुओं पर अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए।

हजारों कर्मचारियों की नजर अब स्पेशल बेंच के फैसले पर

पदोन्नति में आरक्षण का यह मामला मध्य प्रदेश के हजारों शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के सेवा भविष्य से जुड़ा हुआ है। लंबे समय से इस विवाद के कारण कई विभागों में पदोन्नति प्रक्रियाएं प्रभावित रही हैं। अब स्पेशल बेंच के गठन के बाद इस मामले में अंतिम और महत्वपूर्ण सुनवाई होने की उम्मीद बढ़ गई है।

यदि सुनवाई इसी सप्ताह शुरू होती है, तो वर्षों से लंबित इस विवाद पर कोई महत्वपूर्ण न्यायिक दिशा सामने आ सकती है। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों, कर्मचारी संगठनों और राज्य सरकार की निगाहें अब हाई कोर्ट की स्पेशल बेंच के आगामी फैसले पर टिकी हुई हैं।

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