Indore Apollo Tower : इंदौर के साउथ तुकोगंज स्थित शहर की प्रमुख व्यावसायिक इमारत अपोलो टावर पर नगर निगम ने बड़ा एक्शन लिया है। फायर सेफ्टी नियमों में कमियां दूर नहीं करने पर निगम की टीम बिल्डिंग को सील करने पहुंची। कार्रवाई की खबर मिलते ही टावर में संचालित दुकानों और ऑफिसों में अफरा-तफरी मच गई। अपोलो टावर में 600 से ज्यादा दुकानें और ऑफिस संचालित होते हैं, इसलिए कार्रवाई का सीधा असर सैकड़ों कारोबारियों पर पड़ा।
नगर निगम के मुताबिक अपोलो टावर प्रबंधन को करीब तीन महीने पहले फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियों को दूर करने का नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्था को निर्धारित मानकों के मुताबिक करने के निर्देश दिए गए थे। निगम का कहना है कि तय समय बीतने के बावजूद जरूरी सुधार नहीं किए गए, जिसके बाद अब सीलिंग की कार्रवाई शुरू की गई है।
फायर सेफ्टी को लेकर अपोलो टावर में कार्रवाई के लिए नगर निगम की टीम के पहुंचते ही दुकानदारों और ऑफिस संचालकों में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में लोग अपने प्रतिष्ठानों को बंद करने में जुट गए। अचानक हुई कार्रवाई के बीच टावर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कारोबारी अपना सामान समेटते नजर आए।
अपोलो टावर में 600 से अधिक दुकानें और ऑफिस संचालित होते हैं। पूरी बिल्डिंग पर सीलिंग की कार्रवाई होने से यहां कारोबार करने वाले सैकड़ों लोगों का काम प्रभावित हुआ है। कार्रवाई शुरू होने के बाद दुकानदारों ने अपने स्तर पर प्रतिष्ठान बंद किए और जरूरी सामान बाहर निकालने की कोशिश की।
साउथ तुकोगंज में स्थित अपोलो टावर इंदौर की पुरानी और प्रमुख व्यावसायिक इमारतों में शामिल है। इसे शहर का पहला मॉल भी कहा जाता है। लंबे समय से यहां अलग-अलग तरह की दुकानें और ऑफिस संचालित हो रहे हैं। शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र में होने के कारण निगम की कार्रवाई चर्चा में है।
नगर निगम की कार्रवाई से संकेत है कि शहर की व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी नियमों के पालन को लेकर अब सख्ती बढ़ाई जा रही है। निगम अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा मानकों में कमी मिलने और निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित भवनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अपोलो टावर पर कार्रवाई के बाद अब शहर की अन्य बड़ी व्यावसायिक इमारतों में भी फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच की संभावना है। निगम की कार्रवाई का संदेश साफ है कि व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में अन्य इमारतों पर भी निगम की कार्रवाई नजर आ सकती है।