गुना जिला अस्पताल के नल के पानी में निकला सांप फोटो सोर्स- नवभारत
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गुना जिला अस्पताल के नल से भरी पानी की बोतल में निकला सांप का बच्चा, मरीजों में मची दहशत

Snake in Water Bottle : गुना जिला अस्पताल में टोंटी से भरी पानी की बोतल में सांप का बच्चा मिलने से हड़कंप मच गया। मरीजों और परिजनों ने पेयजल व्यवस्था पर सवाल उठाए।

निशांत तिवारी, प्रीतेश जैन

Guna District Hospital Snake : गुना जिला अस्पताल में मरीजों की सेहत और पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह अस्पताल परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक अटेंडर द्वारा अस्पताल की टोंटी से भरी गई पानी की बोतल में सांप का बच्चा रेंगता हुआ दिखाई दिया। बोतल के अंदर सांप देखकर मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई।

जानकारी के मुताबिक ग्राम छीरखेड़ा निवासी देवेंद्र धाकड़ के परिजन जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती हैं। बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे मरीज का अटेंडर पीने का पानी लेने अस्पताल परिसर में शिव मंदिर के पास लगी टोंटी पर पहुंचा था। उसने बोतल में पानी भरा और उसे लेकर वार्ड में पहुंच गया। मरीज को पानी देने से पहले जब उसने बोतल देखी तो अंदर कुछ रेंगता नजर आया।

बोतल में सांप देखते ही मचा हड़कंप

ध्यान से देखने पर अटेंडर को पता चला कि बोतल के अंदर सांप का बच्चा है। यह देखकर उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत आसपास मौजूद लोगों को जानकारी दी। कुछ ही देर में वार्ड के आसपास मरीजों और परिजनों की भीड़ जमा हो गई। लोग बोतल के अंदर मौजूद सांप के बच्चे को देखकर घबरा गए। फतेहगढ़ निवासी सुंदर सेन ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

पेयजल व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

घटना सामने आने के बाद जिला अस्पताल की पेयजल व्यवस्था और सफाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि सांप का बच्चा अस्पताल की पानी की टंकी या पाइपलाइन के जरिए पानी तक पहुंचा होगा। हालांकि सांप बोतल में किस तरह पहुंचा, इसकी वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

टोंटियों के आसपास गंदगी और काई की शिकायत

मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर सार्वजनिक पेयजल की टोंटियां लगी हुई हैं, लेकिन इनके आसपास कई बार गंदगी और काई दिखाई देती है। कुछ जगहों पर पानी जमा रहने की भी शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में पानी की टंकियों, पाइपलाइनों और पेयजल स्रोतों की नियमित सफाई नहीं होने से मरीजों की सेहत पर खतरा पैदा हो सकता है।

समय रहते दिख गया सांप, टली बड़ी घटना

परिजनों का कहना है कि गनीमत रही कि पानी पीने से पहले बोतल के अंदर सांप का बच्चा दिखाई दे गया। यदि अटेंडर की नजर उस पर नहीं पड़ती तो कोई गंभीर घटना हो सकती थी। घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से पेयजल स्रोतों की तत्काल जांच कराने, पानी की टंकियों और पाइपलाइनों की सफाई कराने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।

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