इंदौर : इंदौर में एक गरबा कार्यक्रम की आयोजन समिति में एक मुस्लिम व्यक्ति के शामिल होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस मामले में बजरंग दल के सदस्यों ने पुलिस के सामने आपत्ति जताई जिसके बाद गुरूवार को यह 10 दिवसीय कार्यक्रम ऐन मौके पर रद्द कर दिया गया। इस कार्यक्रम के रद्द होने से आयोजक काफी निराश हैं। यह गरबा कार्यक्रम गणेश नगर के शिखर गरबा मंडल द्वारा आयोजित किया जाने वाला था।
विश्व हिंदू परिषद के स्थानीय नेता राजेश बिंजवे ने बताया कि बजरंग दल ने इस मामले को लेकर भंवरकुआं पुलिस को एक ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में कहा गया कि गणेश नगर में कथित तौर पर लव जिहाद को बढ़ावा देने और अश्लीलता फैलाने के मकसद से गरबा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। बजरंग दल ने पुलिस से मांग की थी कि इस गरबा कार्यक्रम पर रोक लगाई जाए जिसे फिरोज खान नाम के व्यक्ति द्वारा आयोजित कराया जा रहा है।
बता दें कि लव जिहाद शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी संगठन यह दावा करने के लिए करते हैं कि मुस्लिम पुरुष अन्य धर्मों की महिलाओं को इस्लाम में कन्वर्ट करने के लिए लुभाते हैं। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने भी इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस को गणेश नगर में होने वाले गरबा कार्यक्रम को रोकने के लिए बजरंग दल का ज्ञापन मिला है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक गरबा कार्यक्रम के लिए अनुमति को लेकर आयोजकों ने पुलिस को आवेदन भी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई कार्यक्रम आयोजित कराने के लिए अनुमति मांगेगा तो वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।
इस मामले में कार्यक्रम आयोजकों में शामिल फिरोज खान ने दावा किया है कि पुलिस ने गरबा कार्यक्रम की अनुमति दे दी थी। फिरोज खान के मुताबिक, अनुमति मिलने के बाद कुछ लोगों ने उस जमीन के मालिक पर अनुचित दबाव बनाया, जहां गरबा होना था। इस कारण से यह कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। खान ने कहा,‘‘हम पिछले 36 सालों से गणेश नगर में गरबा कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। मैं बचपन से गरबा पंडाल में सेवा करता आ रहा हूं। लेकिन पहली बार कुछ लोगों को मेरे मुस्लिम होने के कारण इस गरबा कार्यक्रम को लेकर समस्या हुई है।'' फिरोज खान ने भावुक होते हुए निवेदन किया, ‘‘जिन लोगों को यह परेशानी हुई है, मेरा उनसे निवेदन है कि वह गरबा कार्यक्रम होने दें ताकि कई दिनों से तैयारी कर रहीं 300 महिलाएं गरबा कर सकें। अगर लोगों को मेरे नाम से समस्या है, तो मैं गरबा पंडाल में कदम तक नहीं रखूंगा।'' उन्होंने कहा कि वे अपने मोहल्ले के ऐसे इकलौते मुस्लिम हैं जो ईद के साथ दीपावली भी मनाते हैं।
वहीं, शिखर गरबा मंडल का कार्यक्रम रद्द होने से आयोजक निराश हैं। आयोजकों ने कार्यक्रम को लेकर पूरी तैयारियां कर दीं थी। इस गरबा मंडल की नींव रखने वाले सदस्यों में शामिल दीपक हार्डिया ने कहा,‘‘हमारा गरबा पंडाल सज गया था। स्थापना के लिए हमने देवी दुर्गा की प्रतिमा भी तय कर ली थी। लेकिन हम धार्मिक कार्यक्रम में कोई विवाद नहीं चाहते, इसलिए हमने गरबा पंडाल हटाते हुए कार्यक्रम रद्द कर दिया है।" हार्डिया ने यह भी साफ किया कि फिरोज खान गरबा मंडल की समिति के इकलौते मुस्लिम सदस्य हैं जो हिंदुओं के धार्मिक कार्यक्रमों में आठ साल की उम्र से शामिल होते आ रहे हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)