नेपाल त्रासदी के पीड़ितों के लिए बागेश्वर धाम का बड़ा कदम (सोर्स- सोशल मीडिया)
छतरपुर

नेपाल त्रासदी के पीड़ितों के लिए बागेश्वर धाम का बड़ा कदम; राशन-तिरपाल से भरे 4 ट्रक नेपाल रवाना

Bageshwar Dham Humanitarian Aid: नेपाल त्रासदी में संबल बना बागेश्वर धाम, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पहल पर नेपाल सरकार के गृह मंत्रालय को सौंपी गई राहत सामग्री, राशन से भरे 4 ट्रक पहुंचे नेपाल।

शिबम दीक्षित, सजल रघुवंशी

Bageshwar Dham Sends Relief Aid To Nepal: नेपाल में आई भीषण त्रासदी ने हजारों परिवारों के सामने जीवनयापन का संकट खड़ा कर दिया है। ऐसे कठिन समय में भारत ने एक बार फिर पड़ोसी देश के प्रति अपनी संवेदनशीलता और मानवीय प्रतिबद्धता का परिचय दिया है।

भारत सरकार द्वारा राहत सामग्री भेजे जाने के साथ ही बागेश्वर धाम जन सेवा समिति ने भी पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए बड़ा कदम उठाया है। समिति की ओर से राहत सामग्री से भरे चार ट्रक नेपाल भेजे गए हैं, जिन्हें नेपाल सरकार के गृह मंत्रालय को सौंपा गया।

पीड़ित परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर भेजी गई सामग्री

बागेश्वर धाम जन सेवा समिति के सहयोग से भेजी गई राहत सामग्री में दैनिक जीवन की आवश्यक वस्तुओं को शामिल किया गया है। बागेश्वर धाम के प्रतिनिधि मनोज त्रिवेदी नेपाल पहुंचकर नेपाल शिष्य मंडल के साथ गृह मंत्रालय को यह सामग्री सौंपने पहुंचे। राहत सामग्री में चावल, दाल, तिरपाल, मसाले, नमक, पानी, सोयाबीन तेल, बिस्कुट और नमकीन के अलावा थाली, गिलास और कटोरी जैसी जरूरी वस्तुएं भी शामिल हैं। उद्देश्य यह है कि आपदा से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिले और उनकी मूलभूत जरूरतें पूरी हो सकें।

जापान में रहते हुए भी महाराज ने संभाली सेवा अभियान की कमान

बताया गया कि जिस समय नेपाल में त्रासदी आई, उस दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जापान प्रवास पर थे। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने सक्रियता दिखाते हुए नेपाल में मौजूद अपने शिष्य मंडल और स्थानीय लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखा। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना समय गंवाए राहत और सेवा कार्य शुरू किए जाएं। उनके आह्वान के बाद बागेश्वर धाम और शिष्य मंडल ने मिलकर राहत सामग्री एकत्रित की और चार ट्रकों के माध्यम से नेपाल रवाना की। इस पहल का मकसद उन परिवारों तक मदद पहुंचाना है जिनके सामने भोजन, पानी और आश्रय जैसी बुनियादी जरूरतें भी चुनौती बन गई हैं।

भारत-नेपाल संबंधों की मिसाल बनी मानवीय पहल

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने इस अवसर पर भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों का रिश्ता केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोटी-बेटी और भावनात्मक जुड़ाव का संबंध है। उन्होंने कहा कि संकट के समय पड़ोसी के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानवता है। नेपाल सरकार ने भी इस सहयोग के लिए बागेश्वर महाराज और बागेश्वर धाम जन सेवा समिति के प्रति आभार व्यक्त किया है। चार ट्रकों में पहुंची राहत सामग्री त्रासदी से प्रभावित परिवारों के लिए उम्मीद और सहारे का प्रतीक बनकर सामने आई है।

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