आईआईटी बॉम्बे (सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

उज्जैन: IIT बॉम्बे ने संभाली सिंहस्थ-2028 के निर्माण कार्यों की सुरक्षा की कमान, शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण

Simhastha 2028: सिंहस्थ-2028 के निर्माण कार्यों को दुर्घटनामुक्त बनाने के लिए उज्जैन प्रशासन और IIT बॉम्बे की बड़ी पहल, 100 से अधिक साइट्स के इंजीनियरों को मिला सेफ्टी का कड़ा पाठ।

सजल रघुवंशी

IIT Bombay Construction Safety Ujjain: उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस महाआयोजन के लिए जिले में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इन निर्माण कार्यों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और दुर्घटनामुक्त बनाने के उद्देश्य से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे ने प्रशासन के साथ मिलकर एक विशेष पहल शुरू की है।

शुक्रवार से मेला कार्यालय में दो दिवसीय निर्माण सुरक्षा (कंस्ट्रक्शन सेफ्टी) क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें आईआईटी बॉम्बे के विशेषज्ञ इंजीनियरों और सुपरवाइजरों को आधुनिक सुरक्षा मानकों की जानकारी दे रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि सिंहस्थ-2028 के सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा में और बिना किसी दुर्घटना के पूरे किए जाएं।

100 से अधिक निर्माण स्थलों पर चल रहा काम

कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन जिले में 100 से अधिक निर्माण स्थलों पर विभिन्न विकास कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाए और श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। इसी उद्देश्य से आईआईटी बॉम्बे जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की विशेषज्ञता का सहयोग लिया गया है, ताकि सभी निर्माण कार्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप संपन्न हो सकें।

आईआईटी बॉम्बे के विशेषज्ञ देंगे आधुनिक सेफ्टी स्टैंडर्ड का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आईआईटी बॉम्बे के दो वरिष्ठ प्रोफेसर और विशेषज्ञ प्रतिभागियों को निर्माण कार्यों में अपनाई जाने वाली आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं। इसमें इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, गहरे गड्ढों की खुदाई के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां, ऊंचाई पर कार्य करने के सुरक्षा मानक, जोखिम प्रबंधन और निर्माण उद्योग की स्टैंडर्ड प्रैक्टिस जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य इंजीनियरों और सुपरवाइजरों को ऐसी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना है, जिससे वे निर्माण स्थलों पर संभावित दुर्घटनाओं को पहले ही रोक सकें।

निर्माण स्थलों पर होगा व्यावहारिक प्रदर्शन

सिर्फ कक्षाओं तक सीमित रहने के बजाय प्रशिक्षण के बाद आईआईटी बॉम्बे के विशेषज्ञ विभिन्न निर्माण स्थलों का दौरा भी करेंगे। वहां वे श्रमिकों और संबंधित कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग, कार्यस्थल पर सतर्कता और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के व्यावहारिक तरीके समझाएंगे। इससे निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों को सीधे तौर पर आधुनिक सुरक्षा उपायों का लाभ मिलेगा और कार्यस्थलों पर सुरक्षा संस्कृति को मजबूत किया जा सकेगा।

सुरक्षित और समयबद्ध निर्माण पर प्रशासन का फोकस

कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि सिंहस्थ-2028 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की प्रतिष्ठा से जुड़ा महापर्व है। ऐसे में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से शुरू किया गया यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में भी बड़े निर्माण कार्यों के लिए उपयोगी साबित होगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि सिंहस्थ-2028 से जुड़े सभी विकास कार्य निर्धारित समय पर पूरे हों, श्रमिक पूरी तरह सुरक्षित रहें और आयोजन के लिए विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना तैयार की जा सके।

https://youtu.be/erICZDv4IDk?si=PCdGcOFArvZSC9tI

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