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मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर जारी।
मौसम विभाग ने 17 अक्टूबर को प्रदेश के 21 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया।
ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश।
प्रदेश में दो चक्रवाती सिस्टम के असर से कई इलाकों में बादल छाए रहने की संभावना।
सागर और जबलपुर संभाग में भी बारिश के आसार।
MP Weather News : एमपी में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों से हल्की बारिश हो रही है। ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
इस बीच मौसम विभाग ने 17 अक्टूबर को प्रदेश के 21 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं आने वाले दिनों में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में दो चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हैं। जिनका असर कई जिलों में दिखाई दे रहा है। इन सिस्टम के प्रभाव से आसमान में बादल छाए हुए हैं और बारिश के अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है।
ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। कई इलाकों में आसमान पर बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं चलने से हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। मौसम के इस बदलाव से लोगों को राहत मिली है। हालांकि स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की स्थिति में बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार 17 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के 21 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। खराब मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और आंधी-बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिनों तक कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। सागर और जबलपुर संभाग के जिलों में भी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में बादल छाने के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में प्रदेश के मौसम में फिलहाल उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।