MP Rajya Sabha Election 2026: मध्य प्रदेश में होने जा रहे राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा गरमा गया है। प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले इस मुकाबले में फिलहाल दो सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और एक सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। बीजेपी ने अपनी दो पारंपरिक सीटों के लिए राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग और पर्दे के पीछे काम करने वाले कर्मठ कार्यकर्ता रजनीश अग्रवाल को चुनावी मैदान में उतारा है। लेकिन असली सस्पेंस कांग्रेस के कब्जे वाली तीसरी सीट को लेकर बन गया है, जिसे झटकने के लिए बीजेपी ने अंदरूनी तौर पर अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा रणनीतिक तौर पर तीसरी सीट पर भी अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बकायदा अंदरखाने विधायकों के दस्तखत बतौर प्रस्तावक नामांकन फॉर्म पर कराए जा चुके हैं। हालांकि, पार्टी के आला नेता इस रणनीति पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं।
इंदौर में सूबे के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी के दोनों घोषित उम्मीदवारों की तारीफ करते हुए हाईकमान का धन्यवाद जताया। उन्होंने तीसरी सीट को लेकर बड़ा इशारा करते हुए कहा, "अगर पार्टी तीसरा उम्मीदवार देती है, तो उसे भी हम ही जिताएंगे।"
सियासी गलियारों में चर्चा है कि यदि बीजेपी जादुई आंकड़े (बहुमत) का जुगाड़ करने में सफल रहती है, तो पूर्व विधायक जीतू जिराती को मैदान में उतारा जा सकता है, जिनके लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पूरी ताकत झोंकेंगे। इसके अलावा, हाल ही में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी का नाम भी रेस में बना हुआ है।
राज्यसभा चुनाव में एक तरफ जहां बीजेपी तीसरी सीट के लिए जाल बुन रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अपने ही घर की कलह से परेशान है। कांग्रेस आलाकमान ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जिससे मध्य प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में भारी नाराजगी है।
नाराजगी का आलम यह है कि टिकट की रेस में शामिल रहे प्रदेश के कई बड़े नेताओं ने मीनाक्षी को बधाई तक नहीं दी। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने सोशल मीडिया पर एक भी पोस्ट साझा नहीं की है। वहीं, दिग्गज नेता अरुण यादव ने भी टिकट की घोषणा के करीब 17 घंटे बाद बेहद बेरुखी के साथ बधाई संदेश पोस्ट किया।
ये भी पढ़ें : बड़ी राहत: प्रोबेशन खत्म होने के 6 महीने में होना होगा नियमित, वरना स्वतः मिल जाएगा परमानेंट स्टेटस
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस की इसी अंदरूनी फूट और दिग्गजों की नाराजगी का फायदा उठाकर बीजेपी 'क्रॉस वोटिंग' या अन्य समीकरणों के जरिए तीसरी सीट पर बड़ा उलटफेर करने की ताक में है। दिल्ली दरबार से आने वाला कोई भी चौंकाने वाला फैसला इस चुनाव को बेहद दिलचस्प बना सकता है।