जीतू पटवारी और सीएम मोहन यादव (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

कैग रिपोर्ट पर जीतू पटवारी का सरकार पर हमला, बोले- विज्ञापन नहीं, आंकड़े बता रहे मध्य प्रदेश की सच्चाई

Jitu Patwari Letter : मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कैग रिपोर्ट के आधार पर मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। मातृ-शिशु मृत्यु दर, आंगनवाड़ी और पोषण योजनाओं को लेकर कई सवाल उठाए।

प्रीतेश जैन

Jitu Patwari On CAG Report: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक खुला पत्र जारी कर प्रदेश की स्वास्थ्य, पोषण और आंगनवाड़ी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार विकास के दावे तो कर रही है, लेकिन कैग की रिपोर्ट प्रदेश की वास्तविक तस्वीर सामने रख रही है।

जीतू पटवारी ने अपने पत्र में लिखा कि सरकारें अपने विकास का प्रमाण विज्ञापनों से नहीं, बल्कि आंकड़ों से देती हैं और जब आंकड़े कैग जैसे संवैधानिक संस्थान के हों तो उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि कैग रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर देश में सबसे अधिक है। इसके अलावा हजारों गांव अब भी आंगनवाड़ी सुविधाओं से वंचित हैं, जबकि लाखों बच्चे और गर्भवती महिलाएं पोषण योजनाओं का लाभ नहीं पा रहे हैं।

करोड़ों रुपये खर्च, पात्रों को नहीं मिल रहा लाभ

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर आंगनवाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं और जिम्मेदार पद भी लंबे समय से खाली पड़े हैं। उनके मुताबिक यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि माताओं और बच्चों के अधिकारों की अनदेखी है।

पटवारी की 5 प्रमुख मांगें

जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से पांच प्रमुख मांगें भी की हैं। उन्होंने कैग रिपोर्ट पर श्वेत पत्र जारी करने, लापरवाह अधिकारियों पर समयबद्ध कार्रवाई करने, रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती, सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को मूलभूत सुविधाओं से लैस करने तथा पोषण से वंचित रहे हितग्राहियों के मामले में जवाबदेही तय कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए जिला-वार कार्ययोजना सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई।

मुख्यमंत्री से ठोस कार्रवाई की अपील

पत्र के अंत में पटवारी ने कहा कि प्रदेश की जनता अब जानना चाहती है कि सरकार के लिए विज्ञापनों की चमक अधिक महत्वपूर्ण है या माताओं और नवजातों की सुरक्षा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर भाषण नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई करने की अपील की।

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