पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने अमित शाह को लिखा पत्र (सोर्स- सोशल मीडिया)
भोपाल

राजधानी भोपाल के वेस्टर्न बायपास पर बढ़ा विवाद; पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने अमित शाह को लिखा पत्र

Deepak Joshi On Western Bypass Bhopal: भोपाल के वेस्टर्न बायपास पर विवाद गहराया, पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने अमित शाह को पत्र लिखकर पर्यावरणीय चिंताओं पर पुनर्विचार की मांग की।

सुधीर दंडोतिया, सजल रघुवंशी

Deepak Joshi Letter to Amit Shah On Western Bypass: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रस्तावित 'वेस्टर्न बायपास' को लेकर एक बार फिर विरोध के सुर तेज हो गए हैं। राज्य के पूर्व मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे दीपक जोशी ने इस परियोजना के प्रस्तावित रूट पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस बायपास के शिलान्यास से पहले इसके स्वरूप और डिजाइन पर पुनर्विचार करने की सख्त अपील की है।

पर्यावरण और शहर की पहचान को खतरा

एक विशेष पॉडकास्ट में अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए दीपक जोशी ने कहा कि राजधानी भोपाल की असली पहचान उसके बड़े तालाब, हरियाली और जंगलों से है। उन्होंने चिंता जताई कि विकास के नाम पर लाई जा रही यह परियोजना शहर की प्राकृतिक और पर्यावरणीय विरासत को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। जोशी ने तर्क दिया कि प्रस्तावित बायपास शहर के बाहर से गुजरने के बजाय नगर निगम सीमा के कई इलाकों से होकर जा रहा है, जिससे इसे 'बायपास' कहने का मूल उद्देश्य ही खत्म हो जाता है।

वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर संकट

पूर्व मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित क्षेत्र में जंगल और जल संरचनाओं के साथ-साथ वन्यजीवों की भी मौजूदगी है। उन्होंने सुझाव दिया कि विकास योजनाओं में वन्यजीवों के आवागमन और उनके आवास का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका मानना है कि यदि आवश्यक हो तो बायपास का डिजाइन इस तरह बदला जाए कि सड़क भी बन जाए और पर्यावरण को भी कम से कम नुकसान हो। इसके लिए उन्होंने वन्यजीव क्षेत्रों में 'एलिवेटेड रोड' (Elevated Road) बनाए जाने का उदाहरण भी दिया।

Letter_to_Shri_Amit_Shah_West_Bhopal_Bypass.pdf
Preview

अमित शाह से हस्तक्षेप की मांग

यह जानकारी सामने आने के बाद कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने आगामी भोपाल दौरे पर इस वेस्टर्न बायपास का शिलान्यास कर सकते हैं, दीपक जोशी ने तत्काल उन्हें पत्र लिखा। जोशी ने स्पष्ट किया कि वे विकास या इस परियोजना के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उनका मुख्य उद्देश्य इसके डिजाइन और रूट को पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व में भी इस रूट का विरोध हुआ था, तब बड़े तालाब की सीमा को सुरक्षित रखने का आश्वासन दिया गया था।

मांग न मानने पर कोर्ट और आंदोलन की चेतावनी

दीपक जोशी ने सख्त लहजे में कहा कि यदि पत्र और संवाद के जरिए उनकी चिंताओं का समाधान नहीं किया जाता है, तो वे लोकतांत्रिक और कानूनी रास्ता अपनाएंगे। जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को विधायकों और सांसदों के जरिए विधानसभा और लोकसभा में उठाया जाएगा। इतना ही नहीं, उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने और जनता को साथ लेकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने की चेतावनी भी दी है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका यह विरोध पूरी तरह से भोपाल की पहचान बचाने की लड़ाई है और इसे किसी राजनीतिक दल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

Jantar Mantar Protest LIVE: SIR को लेकर हंगामा, सौरभ भारद्वाज हिरासत में

1 जीरा, 2 अजवाइन, मर्द जात दो रिजाइन, जंतर-मंतर से DU तक नारों की धूम, दिल्ली के प्रोटेस्ट ने खींचा सबका ध्यान

Captain Smit Machchhar: पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित से की बात, बताया हमले के दौरान हिम्मत कहां से मिली

AAP नेता सौरभ भारद्वाज हिरासत में, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में पहुंचे थे जंतर-मंतर

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, 8 साल पुराने केस में कोर्ट की बड़ी कार्रवाई