अक्षय कांति बान (सौजन्य- सोशल मीडिया) 
मध्य प्रदेश

इंदौर HC ने हत्या के प्रयास मामले में धारा 307 जोड़ने का दिया आदेश, अक्षय कांति बम को मिली अग्रिम जमानत

इंदौर के कारोबारी एवं कांग्रेस के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अक्षय कांति बम और उनके पिता को इंदौर उच्च न्यायालय ने बुधवार को अग्रिम जमानत दे दी। 10 मई को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, लेकिन पिता-पुत्र को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी।

प्रिया जैस

इंदौर: इंदौर के कारोबारी एवं कांग्रेस के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अक्षय कांति बम और उनके पिता 17 साल से जमीनी विवाद में फंसे हुए है। 2007 में किसान यूनुस पटेल ने FIR दर्ज कराई थी, जिसमें बुधवार को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने पिता-पुत्र को अग्रिम जमानत दे दी, और साथ ही धारा 307 (हत्या का प्रयास) जोड़े जाने का आदेश दिया।

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने हत्या के कथित प्रयास के मामले में इंदौर के कारोबारी एवं कांग्रेस के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अक्षय कांति बम और उनके पिता की अग्रिम जमानत याचिका बुधवार को मंजूर कर ली।

दलीलें सुनने के बाद दी अग्रिम जमानत

उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति प्रेमनारायण सिंह ने सभी संबद्ध पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बम (46) और उनके पिता कांतिलाल (75) को अग्रिम जमानत दे दी। इंदौर की एक सत्र अदालत ने बम और उनके पिता के खिलाफ 10 मई को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, लेकिन पिता-पुत्र को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी।

धारा 307 जोड़ने का दिया आदेश

शहर के एक प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) ने जमीन विवाद को लेकर स्थानीय किसान यूनुस पटेल पर 2007 में कथित हमले के संबंध में बम और उनके पिता के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में भारतीय दंड विधान की धारा 307 (हत्या का प्रयास) जोड़े जाने का आदेश 24 अप्रैल को दिया था। इस आदेश के महज पांच दिन 29 अप्रैल को बम ने इंदौर के कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर अपना नाम वापस ले लिया था। वह इसके तुरंत बाद भाजपा में शामिल हो गए थे।

17 साल से चल रहा जमीन विवाद

इस मामले को 17 साल बीत चुके है। यह विवाद 2007 में फरियादी युनूस पटेल के खेत में हुआ था। जहां अक्षय बम और उनके पिता पर फायरिंग और बलवा जैसे आरोप लगे थे। लेकिन पुलिस ने सिर्फ मारपीट, हमला, और धमकाने की ही रिपोर्ट दर्ज की। जबकि युनूस ने यह भी आरोप लगाया था कि उस पर गोलियां भी चलाई गई लेकिन पुलिस ने FIR में हत्या के प्रयास की धारा नहीं जोड़ी। इसी के खिलाफ युनूस ने ट्रायल कोर्ट में आवेदन दिया था। जिसकी सुनवाई अब तक चल रही हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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