Highlights:
पारिवारिक विवाद से परेशान युवक शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा था।
कलेक्टर और अपर कलेक्टर से मुलाकात नहीं होने के बाद कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन किया।
संयुक्त कलेक्टर मिलिंद ढोके युवक को अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
Agar Malwa Collectorate Incident : आगर-मालवा कलेक्ट्रेट में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पारिवारिक विवाद से परेशान एक युवक ने कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। युवक अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा था, लेकिन कलेक्टर और अपर कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो पाने के बाद उसने यह कदम उठाया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे संभाला। सूचना मिलने पर संयुक्त कलेक्टर मिलिंद ढोके युवक को अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। फिलहाल युवक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, युवक लंबे समय से पारिवारिक विवाद को लेकर परेशान था। इसी समस्या के समाधान के लिए वह सबसे पहले कानड़ थाने पहुंचा और अपनी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। हालांकि, वहां से संतुष्ट नहीं होने के बाद उसने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का फैसला किया। युवक को उम्मीद थी कि प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात होने पर उसकी समस्या का समाधान निकल सकेगा।
बताया जा रहा है कि युवक शिकायत लेकर आगर-मालवा कलेक्ट्रेट पहुंचा, लेकिन वहां उसकी मुलाकात कलेक्टर और अपर कलेक्टर से नहीं हो सकी। इससे निराश होकर उसने परिसर में ही कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। घटना सामने आते ही कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल युवक के हाथ से जहरीला पदार्थ छीना और घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।
घटना की जानकारी मिलते ही संयुक्त कलेक्टर मिलिंद ढोके ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने युवक को अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल पहुंचाया, ताकि उसे समय पर इलाज मिल सके। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में युवक का उपचार जारी है। राहत की बात यह है कि फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। कर्मचारियों की तत्परता और संयुक्त कलेक्टर के तत्काल हस्तक्षेप से युवक को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका।
इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों की समस्याओं के समय पर निराकरण को लेकर सवाल खड़े किए हैं। युवक पहले थाने और फिर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा था। ऐसे में यह जरूरी है कि शिकायत लेकर आने वाले लोगों की बात सुनी जाए और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उचित प्रक्रिया अपनाई जाए। हालांकि, युवक की शिकायत और पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।