खजुराहो (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
टूर एंड ट्रैवल

कामुकता को दर्शाती इन मंदिरों की नक्काशी अपनी शिल्पकला से कर देगी आपको मंत्रमुग्ध

अगर आप मध्यप्रदेश में है और मध्यप्रदेश को एक्सप्लोर करना चाहते है तो वहां का ये खास प्राचीन मंदिर देखना बिल्कुल ना भूलें। इस ऐतिहासिक प्राचीन का मंदिर का नाम है खजुराहो जो मध्यप्रदेश के छतरपुर में स्थित है। ये मंदिर आम मंदिरों से काफी अलग है।

प्रिया जैस

नवभारत डेस्क: अगर आप मध्यप्रदेश में है और मध्यप्रदेश को एक्सप्लोर करना चाहते है तो वहां का ये खास प्राचीन मंदिर देखना बिल्कुल ना भूलें। इस ऐतिहासिक प्राचीन का मंदिर का नाम है खजुराहो जो मध्यप्रदेश के छतरपुर में स्थित है। खजुराहो अपने अद्भुत मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। जिसे देखने देश से ही नहीं बल्कि विदेश से भी लोग आते हैं।

कहा जाता है कि खजुराहो के ये मंदिर चंदेल वंश के राजाओं द्वारा 10वीं से 13वीं शताब्दी के बीच बनाए गए थे। इन मंदिरों की खासियत उनकी जटिल और कलात्मक नक्काशी है, जिसमें काम, धर्म, मोक्ष और अर्थ के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है। खजुराहो के मंदिर न केवल धार्मिक स्थल हैं, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति का भी अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

इस खजुराहों मंदिर में आपको इसके अनोखे और अद्भुत रुप देखने को मिलेगा। यहां हिंदू धर्म के स्मारकों का एक समूह हैं। इसे यूनेस्को विश्व धरोहर ने भी मान्यता दी है। यह खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर में भारत का एक धरोहर क्षेत्र गिना जाता है।

खजुराहो मंदिर (सौजन्य-सोशल मीडिया)

खजुराहो की क्या विशेषता है?

कामुक मूर्तियां: खजुराहो के मंदिरों की बाहरी दीवारों पर कामुक नक्काशी की गई है। जो कामसूत्र के विभिन्न आसनों को दर्शाने वाली मूर्तियां हैं। प्राचीन समय में बनी ये अद्भुत  नक्काशी इसे विश्वभर में प्रसिद्ध बनाती हैं।

शिल्पकला: खजुराहो के इन मंदिरों में कुल 646 मूर्तियां हैं। जिनमें से 246 अद्वितीय कलाकृतियां हैं। कारीगरों ने इन्हें इतनी बारीकी से सटीकता से बनाया है कि ये आज भी पर्यटकों  को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।

धार्मिक विविधता: छतरपुर में स्थित यहां खजुराहो में जैन और हिंदू दोनों धर्मों के मंदिर स्थित हैं। ये भारत के विभिन्न धार्मिक मान्यताओं का प्रतिनिधित्व करती हैं।

संरचना: इन मंदिरों की संरचना बेहद ही सूझबूझ के साथ की गई है। खजुराहो के मंदिरों का डिज़ाइन सूर्य की रोशनी को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जिससे सुबह की पहली किरणें मूर्तियों पर सीधे पड़ती हैं।

खजुराहो (सौजन्य-सोशल मीडिया)

कैसे पहुंचे खजुराहो:

हवाई मार्ग द्वारा

अगर आप हवाई मार्ग से आ रहे है तो छतरपुर में स्थित खजुराहो में एक हवाई अड्डा है जो दिल्ली, आगरा, वाराणसी और मुंबई को सेवाएं प्रदान करता है।

रेल द्वारा

छतरपुर में स्थित खजुराहो मंदिर खजुराहो रेलवे स्टेशन और छतरपुर रेलवे स्टेशन के माध्यम से रेलवे से जुड़ा है, जो 45 किमी है। रेलवे से खजुराहो यह दिल्ली, उदयपुर, झांसी से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

सड़क द्वारा

अगर आप सड़क मार्ग से खजुराहो आना चाहते है तो बता दें कि खजुराहो मंदिर इसके जिला केंद्र छतरपुर से लगभग 50 किमी दूर हैं। यह भारत के विभिन्न शहरों जैसे डेल्ही, भोपाल की सड़कों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आपको बताते चले कि राष्ट्रीय राजमार्ग 86 इसे राज्य भोपाल के कैपिटल से जोड़ता है।

CJP Tiranga March Live: कनॉट प्लेस में CJP का हल्लाबोल, अब तक 150 प्रदर्शनकारी हिरासत में

20 MSME, 300 विदेशी खरीदार और 1,000 बिजनेस मीटिंग्स, जानें वाइब्रेंट गोवा समिट की पूरी तैयारी

CJP चीफ अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया गया, तिरंगा यात्रा से ठीक पहले पुलिस का एक्शन

हाथ में तिरंगा और दिल में धोखा, अभिजीत दिपके और CJP की तिरंगा यात्रा पर शाइना एनसी और राम कदम का तीखा प्रहार

एसिड अटैक किस देश में ज्यादा होता है? भारत या पाकिस्तान, जानें ब्रिटेन किस नंबर पर