नैनीताल में बढ़ती पर्यटकों की संख्या बनी मुसीबत 
टूर एंड ट्रैवल

नैनीताल में बढ़ती पर्यटकों की संख्या बनी मुसीबत, पार्किंग की समस्या के कारण लोगों को हल्द्वानी में ही छोड़नी होगी गाड़ियां

उत्तराखंड के दो सबसे मशहूर स्थान नैनीताल और कैंची धाम पार्किंग संकट का सामना कर रहे हैं। भारत के प्रमुख हिल स्टेशनों में से एक नैनीताल में पर्यटकों की बढ़ती जा रही है जिसकी वजह से पार्किंग में समस्याएं हो रही हैं।

प्रीति शर्मा

Nainital: उत्तराखंड के दो सबसे मशहूर स्थान नैनीताल और कैंची धाम पार्किंग संकट का सामना कर रहे हैं। भारत के प्रमुख हिल स्टेशनों में से एक नैनीताल में पर्यटकों की बढ़ती जा रही है जिसकी वजह से पार्किंग में समस्याएं हो रही हैं। उत्तराखंड की ये जगहें पर्यटकों के लिए फेमस डेस्टिनेशन में से एक है। वहीं, पर्यटक वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण इन क्षेत्रों में काफी भीड़ भाड़ हो रही है। पार्किंग की जगह महंगी होने की वजह से ट्रैफिक जाम भी बढ़ता जा रहा है। जिसकी वजह से स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हल्द्वानी में रोकी जाएंगी गाड़ियां

पर्यटन के दौरान हल्द्वानी और कालाढूंगी मार्ग पर वाहनों की लंबी लाइनों से निपटने के लिए हल्द्वानी के रानी बाग और कोठगोदाम में नई पार्किंग स्थल बनाने की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन यहां पर पर्यटक वाहनों को रोकने और शटल सेवा से उन्हें नैनीताल और कैंची धाम पहुंचाने की कोशिश पर विचार कर रहा है।

भविष्य में बढ़ेगी पार्किंग वाहनों की क्षमता

शहर में मौजूदा पार्किंग स्थित को देखते हुए सरकार ने बताया कि नए प्रोजेक्ट्स पूरे होने के बाद पार्किंग और होटल में ढाई हजार वाहनों की क्षमता और बढ़ जाएगी। फिलहाल इसकी क्षमता करीब 4000 वाहनों की है। बता दें कि राज्य में मेट्रोपोल पार्किंग करीब 900 वाहनों की क्षमता के साथ निर्माणाधीन है। रुसी बाईपास पार्किंग में भी 900 वाहनों की क्षमता का विकास कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा हल्द्वानी रोड कोयला टाल पार्किंग को मैकेनाइज्ड पार्किंग बनाने को लेकर प्रस्ताव जारी है। वहीं, मल्लीताल अशोक होटल वाली जगह पर करीब 5.8 करोड़ रुपए की लागत में तीन मंजिला पार्किंग बनेगी जिसके लिए प्रशासन से मंजूरी मिल चुकी है।

टूरिस्ट सीजन सबसे खराब होता है क्योंकि इस दौरान क्षमता को आसानी से पार कर लिया जाता है, जिससे बड़े ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो जाती है और स्थिति और भी खराब हो जाती है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या, खासकर छुट्टियों और वीकेंड के दौरान, नैनीताल के मौजूदा बुनियादी ढांचे को अपनी सीमा तक धकेल देती है, जिससे पार्किंग की जगह अक्सर संकरी गलियों और आवासीय क्षेत्रों में फैल जाती है।

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