डॉल्फिन (सौ. सोशल मीडिया) 
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पटना के घाट पर 29 साल बाद गंगा डॉल्फिन की वापसी, इन घाटों पर आप भी बना सकते हैं घूमने का प्लान

फोटो और वीडियो में दिखने वाला जलीय जीव डॉल्फिन देखने में बहुत ही सुंदर लगती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि पटना के घाट पर करीब 29 साल बाद गंगा डॉल्फिन की ऐतिहासिक वापसी हुई है।

प्रीति शर्मा

पटना: फोटो और वीडियो में दिखने वाला जलीय जीव डॉल्फिन देखने में बहुत ही सुंदर लगती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि पटना के घाट पर करीब 29 साल बाद गंगा डॉल्फिन की ऐतिहासिक वापसी हुई है। यह पटना के छह घाटों पर अपनी उपस्थिति दिखा चुके हैं। रिकॉर्ड के अनुसार इस साल करीब 70 से ज्यादा डॉल्फिन देखी गई हैं। यह उनके संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता है।

गंगा नदी में रहने वाली डॉल्फिन को भारत का नेशनल एक्वेटिक एनिमल या जलीय जीव भी कहते हैं। यह डॉल्फिन लंबी सूंड, गोल शरीर और अनोखी स्विम टेक्नीक की वजह से खास मानी जाती हैं। इन्हें देखना बहुत ही सुंदर और मनोहर दृश्य होता है। यह पानी में नेविगेट करने और शिकार करने के लिए अल्ट्रासोनिक तरंगों का इस्तेमाल करती हैं। इनका पटना के घाट पर दिखना ऐतिहासिक है।

डॉल्फिन की वापसी का कारण

पटना के घाट पर डॉल्फिन की वापसी के पीछे का कारण राष्ट्रीय डॉल्फिन अनुसंधान केंद्र है। जिसे 4 मार्च 2024 को लॉन्च किया गया था। यह डॉल्फिन के व्यवहार, जिंदा रहने की चुनौतियों और मृत्यु के कारणों का अध्ययन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इन जगहों पर मिली डॉल्फिन

पटना का  गायघाट उन प्रमुख स्थानों में से एक है जहां पर पर्यटक और शोधकर्ता जाना पसंद करते हैं। इस घाट का पानी इतना साफ है कि डॉल्फिन को आसानी से देखा जा सकता है। यह जगह इस तरह के जीवों को देखने के लिए परफेक्ट रहेगी। गंगा और पुनपुन नदियों के संगम पर स्थित त्रिवेणी घाट पर भी डॉल्फिन देखने को आ सकते हैं। यहां पर एक किलोमीटर के दायरे में लगभग 20 से ज्यादा डॉल्फिन देखी गई है। यह जगह जलीय जीवों के लिए समृद्ध है। इसके अलावा डॉल्फिन को रानी घाट में में देखा जा सकता है। इस जगह पर लगभग 10 डॉल्फिन नियमित रूप से देखी जाती है।

पटना के अन्य घाट

पटना का सबसे प्रसिद्ध घाट गांधी घाट है। यहां पर रोजाना गंगा आरती का आयोजन किया जाता है। यह वाराणसी से प्रेरित है। शाम के समय इस जगह घूमने के लिए आ सकते हैं। इसके अलावा काली घाट भी बहुत ही सुंदर है। यह काली मां को समर्पित है। इस जगह पर लोग स्नान करने और काली मां के दर्शन करने के लिए आते हैं।

पटना का कुम्हरार घाट भी बहुत ही ऐतिहासिक है। यहां पर शांति और प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लिया जा सकता है। इसके अलावा, पटना में बांकीपुर घाट भी बहुत फेमस है। यहां पर छठ पूजा के दौरान बहुत ही भीड़ देखने को मिलती है। अगर आप पटना घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इन जगहों पर जा सकते हैं।

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