प्लेट में तिरंगे रंगों वाला हेल्दी भोजन (सौ. सोशल मीडिया) 
लाइफस्टाइल

Tiranga Diet: प्लेट में शामिल करें ये 3 रंग और भूल जाएं बीमारियां! तन-मन रहेगा फिट और एक्टिव

Benefits of Tiranga Diet: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खान-पान की आदतों के कारण लोग जल्दी बीमार पड़ने लगे हैं। ऐसे में तिरंगा डाइट सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

प्रीति शर्मा

Healthy Diet Plan: गणतंत्र दिवस सिर्फ लोकतंत्र की भावना को सम्मान देना नहीं है बल्कि यह संविधान के मूल्यिों और नागरिकों के अधिकारों को आत्मसात करने का अवसर है। हमारे तिरंगे में केसरिया, सफेद और हरे रंग का बहुत महत्व है। ये तीन रंग सिर्फ देशभक्ति की भावना नहीं जगाते हैं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली की प्रेरणा देते हैं।

तिरंगा स्वास्थ्य का भी प्रतीक हो सकता है। आहार में रंग-बिरंगे फल और सब्जियों को शामिल करने से शरीर और मन दोनों सुदृढ़ रहते हैं। ये रंग तनाव से दूर रहने, प्रसन्न रहने और अपने लक्ष्यों की ओर निरंतर आगे बढ़ने की सीख देते हैं। साथ ही यह भी बताते हैं कि पोषण से भरपूर संतुलित भोजन ही स्वस्थ और सशक्त जीवन की बुनियाद है। राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भूमिका अहम है और इसके लिए नागरिकों का स्वस्थ रहना सबसे आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि तिरंगा आहार अपनाने से तन और मन दोनों स्वस्थ और सक्रिय रहते हैं।

तिरंगा भोजन एक सरल, पौष्टिक और संतुलित आहार है। यह हर घर में आसानी से उपलब्ध सामग्री से बनता है।

केसरी रंग: दलहन (जैसे चना, राजमा, अरहर), सोया चंक्स या अंडा – ये प्रोटीन से भरपूर होते हैं।

सफेद रंग: चावल, रोटी, दही या मिल्क प्रोडक्ट्स – ये ऊर्जा प्रदान करते हैं।

हरा रंग: पालक, मेथी, मूंग की सब्जी, सरसों का साग या अन्य हरी सब्जियां – ये विटामिन और मिनरल्स देते हैं।

यह भोजन बच्चों और बड़ों दोनों के लिए फायदेमंद है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसे दिन में कम से कम 3 बार बच्चों को और 2-3 बार खुद भी खाना चाहिए। इससे पोषण संतुलित रहता है और सेहत मजबूत बनी रहती है।

चमकीले रंग वाले फल विटामिन, मिनरल, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। ये इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं फ्री रेडिकल्स से कोशिकाओं की रक्षा करते हैं और स्ट्रोक जैसे जोखिमों को कम करते हैं।

केसरिया (नारंगी) रंग के फल

संतरा, पीच, खुबानी, आम, पपीता और दालें पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। फलों में विटामिन सी, विटामिन ए और पोटेशियम से भरपूर होते हैं। ये इम्युन सिस्टम को बढ़ावा देते हैं और आंखों की रोशनी सुधारने में मदद करते हैं।

सफेद रंग के फल

नारियल, ड्रैगन फ्रूट, नाशपाती, पीयर, पाइनएबेरी और लीची में पोटेशियम, फाइबर, बीटा-ग्लूकेन्स और अन्य पोषक तत्व होते हैं। इसके अलावा अनाज भी पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करते हैं। कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करते हैं और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। साथ ही ये कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव में भी सहायक होते हैं।

हरे रंग के फल या सब्जियां

हरा सेब, अंगूर, नींबू, एवोकाडो और कस्टर्ड एप्पल, हरी पत्तेदार सब्जियां, भिंडी, करेला, परवल समेत अन्य पोटेशियम, विटामिन के और एंटीऑक्सीडेंट से युक्त होते हैं। ये दिल की सुरक्षा करते हैं, रक्त के थक्के जमने की प्रक्रिया में मदद करते हैं, आंखों और हड्डियों-दांतों को मजबूत बनाते हैं। हरे फल-सब्जियां ल्यूटिन, आइसोथियोसाइनेट्स और अन्य तत्वों से शरीर को डिटॉक्स करती हैं ऊर्जा बढ़ाती हैं और इम्युनिटी को मजबूत करती हैं।

तिरंगा फल और अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। फाइबर युक्त फल खाने से कैंसर का जोखिम कम होता है। अगर शुगर या मोटापे की समस्या है तो कम कैलोरी और कम प्राकृतिक शर्करा वाले फलों का सेवन करें।

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