Restless Legs Awareness Day: कई लोगों को रात में बिस्तर पर लेटते ही पैरों में अजीब सी बेचैनी होने लगती है? कभी पैरों में खिंचाव, झुनझुनाहट या कुछ रेंगने जैसा महसूस होता है और पैर को इधर-उधर चलाने के बाद ही थोड़ा आराम मिलता है?
अगर ऐसा बार-बार होता है, तो इसे सिर्फ थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (RLS) की वजह से हो सकता है। यह एक स्लीप डिसऑर्डर है, जिसमें आराम करते समय पैरों को चलाने की इच्छा होने लगती है।
रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम में व्यक्ति को पैरों में ऐसी बेचैनी महसूस होती है, जिससे नींद नहीं आती है। इसे कम करने के लिए पैर चलाने, स्ट्रेच करने या उठकर चलने का मन करता है। इसके लक्षण आमतौर पर आराम करने पर और खासकर शाम या रात में ज्यादा महसूस होते हैं। पैर चलाने से कुछ समय के लिए राहत मिलती है।
इस समस्या से जूझ रहे व्यक्ति के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों को पैरों में खिंचाव या दर्द महसूस होता है, तो कुछ को खुजली, जलन, धड़कन या कुछ रेंगने जैसा महसूस होता है। कई बार यह बेचैनी दोनों पैरों में महसूस होती है, तो कई बार केवल एक पैर में।
रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के लक्षण आमतौर पर तब बढ़ते हैं, जब व्यक्ति लंबे समय तक आराम कर रहा होता है। इसलिए बिस्तर पर लेटने या लंबे समय तक बैठने के दौरान पैरों को चलाने की इच्छा होती है। यह परेशानी नींद आने या पूरी रात सोए रहने में भी समस्या पैदा कर सकती है।
रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम का एक निश्चित कारण हर मामले में पता नहीं होता। इसका कारण आयरन, जेनेटिक कारण और दिमाग में डोपामिन का प्रभाव हो सकता है। आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया, किडनी की बीमारी और प्रेग्नेंसी जैसी स्थितियां भी कुछ लोगों में RLS से जुड़ी हो सकती हैं। कुछ दवाइंया भी इसका कारण हो सकता है।
नियमित एक्सरसाइज, सोने से पहले पैरों की स्ट्रेचिंग, गर्म पानी में पैर डुबोना और पर्याप्त नींद लेने से आराम मिल सकता है। सोने से पहले कैफीन और शराब से बचने की सलाह भी दी जाती है। अगर पैरों की बेचैनी बार-बार हो रही है, नींद प्रभावित हो रही है या दिन में थकान और नींद आने लगी है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। इसके बारे में सटीक रूप से पता लगाने के लिए जांच जरूरी है।