Yoga For Menopause: मेनोपॉज के दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव के कारण कई प्रकार की समस्याएं होती है, जो हर महिला के लिए अलग होती है। इस दौरान हॉट फ्लैशेज, नींद की परेशानी, तनाव, थकान और शरीर में जकड़न जैसी परेशानी महसूस हो सकती हैं। ऐसे समय में बहुत कठिन अभ्यास करने के बजाय हल्के और सहायक योगासन शरीर को आराम देने में मदद करते हैं।
सेलिब्रिटी योगा इंस्ट्रक्टर अंशुका परवानी मेनोपॉज के दौरान आराम देने वाले आसनों और शीतकारी जैसे ठंडक देने वाले प्राणायाम के नियमित अभ्यास के बारे में बताती है।
इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं और घुटनों को मोड़कर पैर जमीन पर रखें। कूल्हों को थोड़ा ऊपर उठाकर उनके नीचे योगा ब्लॉक या बोल्स्टर रखें। अब शरीर का भार सहारे पर छोड़ दें और हाथों को शरीर के पास रखें। आराम से सांस लेते हुए कुछ देर इसी स्थिति में रहें। फिर सपोर्ट हटाकर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं।
इस योगासन को करने के लिए पीठ के बल आराम से लेट जाएं और दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिला लें। अब घुटनों को धीरे-धीरे दोनों तरफ खुलने दें। अगर खिंचाव ज्यादा महसूस हो तो दोनों घुटनों के नीचे तकिया रखें। हाथों को पेट या शरीर के दोनों ओर रखकर आंखें बंद करें। धीमी और गहरी सांस लेते हुए कुछ मिनट इसी अवस्था में आराम करें।
पीठ के बल लेटकर दोनों घुटनों को मोड़ें और पैरों को जमीन पर रखें। दोनों घुटनों को धीरे-धीरे एक तरफ झुकाएं, जबकि कंधे जमीन पर टिके रहें। सिर को चाहें तो घुटनों की विपरीत दिशा में हल्का घुमा सकते हैं। कुछ गहरी सांस लें और फिर घुटनों को वापस बीच में लाएं।
इसी तरह दूसरी तरफ से भी दोहराएं।
दीवार के पास पीठ के बल लेट जाएं और कूल्हों को दीवार के करीब रखें। दोनों पैरों को ऊपर उठाकर दीवार पर टिका दें। हाथों को शरीर के दोनों ओर आराम से रखें। आंखें बंद करके धीरे-धीरे सांस लें और शरीर को ढीला छोड़ दें। कुछ मिनट इसी स्थिति में रहकर फिर घुटनों को मोड़ते हुए धीरे से बाहर आएं।
शीतकारी प्रणायाम को करने के लिए आराम से बैठ जाएं और रीढ़ को सीधा रखें। दांतों को हल्का-सा पास रखते हुए होंठों को खोलें। दांतों के बीच से धीरे-धीरे सांस अंदर लें, फिर मुंह बंद करके नाक से सांस बाहर छोड़ें। कुछ चक्र आराम से करें और चक्कर या असहजता महसूस होने पर तुरंत रुक जाएं।