सजा नहीं दवा है उपवास (सौ. सोशल मीडिया) 
हेल्थ

उपवास क्यों है शरीर की दवा? जानें पाचन से लेकर सेल रिन्यूअल तक के फायदे

Fasting For Detox: उपवास क्यों है शरीर की दवा? जानें कैसे उपवास पाचन तंत्र को आराम देता है और नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद कर संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

दीपिका पाल

Fasting And Cell Renewal: अच्छी सेहत के लिए खानपान सही रखना बेहद जरूरी होता है। जहां पर खाने में चीजें सही तरीके से ली जाए तो सेहत को फायदा होता है नहीं तो पेट की हालत बिगड़ जाती है। आज की जीवनशैली की वजह से पेट का सही तरीके से ख्याल रख पाना मुश्किल होता जा रहा है। कई लोग पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे भूख न लगना, गैस बनना, एसिडिटी, अपच और पेट में भारीपन की समस्या से परेशान हो जाते है। इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए उपवास करना सही और जरूरी उपाय है।

पेट के लिए औषधि के समान है उपवास

पेट को सही रखने के लिए उपवास करने के फायदे होते है। यह पेट और पाचन के लिए औषधि यानि दवा के समान होते है। पेट के लिए दवा का असर भले ही कुछ समय के लिए होता है लेकिन उपवास अंदरूनी तौर पर फायदा दिलाता है। जो कोई दवा भी नहीं कर सकती। उपवास पेट की गहराई से सफाई करता है, पाचन तंत्र को ठीक करने में मदद करता है, और खुद को रिपेयर करने का मौका देने की प्रक्रिया है।

15 दिन में एक बार करें उपवास

आप पेट को सही रखने के लिए 15 दिन में एक बार उपवास कर सकते है। अगर आप उपवास रखने की सोच रहे है या शुरुआत करना चाहते है तो, एकादशी उपयुक्त रहेगी, क्योंकि ये महीने में दो बार पड़ती है। इस उपवास की शुरुआत में आप अगर उपवास रख रहे है तो, फलाहार लें और उतने ही फल खाएं जिससे शरीर को ऊर्जा मिल सके। पेट भरने के लिए फलों का सेवन न करें। इसके अलावा, जितना हो सके, शहद वाला पानी, नारियल पानी, और सादे पानी का सेवन करें। पानी शरीर की सारी गंदगी को बाहर निकालने में मदद करेगा।

इस मिथक को करें दूर

कुछ लोगों को लगता है कि उपवास रखने से कमजोरी महसूस होगी, लेकिन ऐसा नहीं है। यह सिर्फ हमारे मन का वहम होता है क्योंकि भोजन से शरीर को 30-40 फीसदी ही ऊर्जा मिलती है, बाकी ऊर्जा पानी, हवा, और आराम करने से मिलती है। इसलिए यह सोचना गलत है कि उपवास करने से कमजोरी महसूस होगी। जापान के वैज्ञानिक उपवास पर शोध भी कर चुके हैं।

साल 2018 में हुए शोध के मुताबिक उपवास रखने से शरीर खराब कोशिकाओं को हटाकर नई और स्वस्थ कोशिकाएं बनाता है। इस प्रक्रिया को ऑटोफैगी कहा जाता है।

आईएएनएस के अनुसार

लालू परिवार की बढ़ीं मुश्किलें! ट्रांसफर के बाद नए जज प्रशांत कुमार करेंगे लैंड फॉर जॉब मामले की सुनवाई

विवाद के बाद ECI ने फॉर्म 6 में किया बदलाव, SIR से जुड़ा Annexure-D को हटाया; लेकिन इन राज्यों में रहेगा जारी

INDIA Bloc Meeting: EVM से बैलेट पेपर तक, राहुल के सारे सबूत गए बेकार, अब खरगे ने रखीं चुनाव सुधार की 6 मांगें

भारत में आएं और निवेश करें...अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स से बोले मंत्री पीयूष गोयल, SME पार्टनरशिप का दिया न्योता

CAFE-III Norms: 2027 से बदलेंगे कारों के फ्यूल एफिशिएंसी नियम, जानें नई गाड़ियों पर क्या होगा असर