प्रेग्नेंट महिला डॉक्टर के साथ (सौ. फ्रीपिक) 
हेल्थ

प्रेग्नेंसी में इस एक विटामिन की कमी पड़ सकती है भारी, बच्चे के दिमागी विकास पर पड़ता है असर

Folic Acid Benefits: गर्भावस्था के दौरान मां की सेहत का सीधा असर बच्चे के विकास पर पड़ता है। खासकर एक विटामिन की कमी बच्चे के दिमागी विकास को प्रभावित कर सकती है जिससे आगे चलकर कई समस्याएं हो सकती है।

प्रीति शर्मा

Folic Acid Benefits Pregnancy: गर्भावस्था का सफर एक महिला के जीवन का सबसे नाजुक और महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान खान-पान में जरा सी भी लापरवाही न केवल मां बल्कि होने वाले बच्चे के पूरे भविष्य पर असर डाल सकती है। यही कारण है कि डॉक्टर्स गर्भधारण की योजना बनाने से लेकर डिलीवरी तक महिलाओं को फोलिक एसिड लेने की विशेष सलाह देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि फोलिक एसिड को प्रेग्नेंसी विटामिन का दर्जा क्यों दिया गया है।

फोलिक एसिड और फोलेट में अंतर

फोलिक एसिड असल में विटामिन-B9 का एक सिंथेटिक रूप है। प्रकृति में यह 'फोलेट' के रूप में पाया जाता है। हमारे शरीर के लिए यह इसलिए जरूरी है क्योंकि यह नई कोशिकाओं के निर्माण और डीएनए के संश्लेषण में मुख्य भूमिका निभाता है। लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में इसकी मौजूदगी अनिवार्य है जिससे शरीर में खून की कमी नहीं होती।

शिशु के लिए क्यों है लाइफलाइन

प्रेग्नेंसी के शुरुआती हफ्तों में जब मां को अक्सर अपनी गर्भावस्था का पता भी नहीं होता तब भ्रूण के न्यूरल ट्यूब का विकास हो रहा होता है। यही न्यूरल ट्यूब आगे चलकर बच्चे का मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी बनती है। फोलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा जन्मजात विकारों जैसे स्पाइना बिफिडा के खतरे को कम करती है। यदि शरीर में इसकी कमी हो जाए तो बच्चे की रीढ़ की हड्डी या सिर की हड्डी का विकास अधूरा रह सकता है जिससे बच्चा ताउम्र के लिए विकलांग हो सकता है।

मां की सेहत के लिए भी है अनिवार्य

गर्भवती महिलाओं में एनीमिया एक बड़ी समस्या है। फोलिक एसिड न केवल हीमोग्लोबिन बढ़ाता है बल्कि गर्भावस्था के दौरान होने वाली थकान, चक्कर आना और सिरदर्द जैसी समस्याओं से भी राहत देता है। यह प्री-मैच्योर डिलीवरी के जोखिम को भी काफी हद तक कम कर देता है।

क्या खाएं

  • पालक, मेथी, बथुआ जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां।
  • संतरा, अनार, बादाम और अखरोट।
  • मूंग, मसूर और चने का सेवन फोलिक एसिड की कमी को पूरा करता है।

इसके अलावा आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह पर शतावरी और अश्वगंधा जैसी जड़ी-बूटियों का संतुलित उपयोग भी गर्भ के विकास में सहायक माना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भधारण से कम से कम एक महीना पहले और गर्भावस्था की पहली तिमाही में फोलिक एसिड सप्लीमेंट लेना अनिवार्य है। यह एक छोटी सी गोली आपके आने वाले बच्चे के स्वस्थ जीवन की सबसे बड़ी गारंटी हो सकती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

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