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'आपके पास मेरे मंत्रियों को बर्खास्त करने की कोई शक्ति नहीं है', सेंथिल बालाजी को हटाने पर MK स्टालिन का राज्यपाल को पत्र

किर्तेश ढोबले

चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सीएम एमके स्टालिन (MK Stalin) ने वी सेंथिल बालाजी (V Senthil Balaji) को मंत्री पद से बर्खास्त करने को लेकर राज्यपाल आरएन रवि (RN Ravi) को पत्र लिखा है। 

राज्यपाल को लिखे पत्र में स्टालिन ने कहा, "मैं दोहराता हूं कि आपके पास मेरे मंत्रियों को बर्खास्त करने की कोई शक्ति नहीं है। यह एक निर्वाचित मुख्यमंत्री का एकमात्र विशेषाधिकार है। मेरी सलाह के बिना मेरे मंत्री को बर्खास्त करने वाला आपका असंवैधानिक संचार कानून की दृष्टि से शुरू और गैर-कानूनी रूप से शून्य है और इसलिए इसे नजरअंदाज कर दिया गया है।" 

राज्यपाल के पास किसी मंत्री को एकतरफा बर्खास्त करने का कोई अधिकार नहीं  

पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘राज्यपाल के पास किसी मंत्री को एकतरफा बर्खास्त करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया है। वह कैसे तय कर सकते हैं कि कैबिनेट में कौन होना चाहिए और कौन नहीं होना चाहिए? उन्हें मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह पर कार्य करना होगा।'' 

राज्यपाल ने निर्णय को स्थगित कर दिया

कानूनी विशेषज्ञों ने तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि के जेल में बंद मंत्री वी सेंथिल बालाजी को मंत्रिपरिषद से एकतरफा तरीके से बर्खास्त करने के अभूतपूर्व आदेश पर शुक्रवार को आश्चर्य व्यक्त किया।  राज्यपाल ने, हालांकि बढ़ती आलोचनाओं के कुछ घंटों बाद अपने इस निर्णय को स्थगित कर दिया।

खबर के अनुसार, आधी रात को ‘सूचना' आई कि मामले पर अटॉर्नी जनरल की राय जानने के लिए बर्खास्तगी आदेश को स्थगित किया जा रहा है। इसमें कहा गया है, ‘यह ध्यान देने योग्य है कि राज्यपाल के फैसले पर पांच घंटे के भीतर रोक लगा दी गई।' राज्यपाल ने बृहस्पतिवार देर शाम मुख्यमंत्री को भेजे संचार में कहा था कि वह फैसले पर अटॉर्नी जनरल से विचार-विमर्श करेंगे और उनकी कानूनी राय जानेंगे। उन्होंने बालाजी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने के फैसले के पीछे की वजहों के बारे में भी बताया था। 

मंत्रिपरिषद से कर दिया बर्खास्त 

उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु के राज्यपाल ने आर एन रवि मंत्री वी. सेंथिल बालाजी को गुरूवार को मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर दिया।  राज भवन की और से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया था, ‘‘नौकरी के बदले में नकदी लेने और धन शोधन समेत भ्रष्टाचार के कई मामलों में गंभीर आपराधिक कार्रवाई का सामना कर रहे हैं।'' अभी वह एक आपराधिक मामले में न्यायिक हिरासत में हैं, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है। इन परिस्थितियों के तहत राज्यपाल ने सेंथिल बालाजी को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर दिया है।''

ईडी ने सेंथिल को 14 जून को किया गिरफ्तार 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नौकरी के बदले घूस मामले में बालाजी को 14 जून को गिरफ्तार किया था। वह तभी से अस्पताल में हैं। राज्यपाल ने मंत्रिमंडल से उनकी बर्खास्तगी के आदेश पर अमल पर अगली सूचना तक रोक लगा दी है। इस बीच, चेन्नई की सड़कों पर पोस्टर लगाए गए हैं, जिनके जरिये सवाल किया गया है कि ‘‘क्या गिंडी कुछ केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ लंबित मामलों और मंत्रिमंडल से उनकी बर्खास्तगी की मांग को लेकर दिल्ली को पत्र लिखेगा?'' चेन्नई स्थित गिंडी का स्पष्ट संदर्भ राजभवन से माना जा रहा है। 

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