Hyderabad Communal Tension: हैदराबाद का ऐतिहासिक पुरानपुल इलाका बुधवार देर रात अशांति की चपेट में आ गया। कुछ शरारती तत्वों ने एक मंदिर में तोड़फोड़ की। इसके बाद उपजे तनाव ने हिंसक मोड़ ले लिया। इसमें 5 लोग घायल हो गए। धार्मिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है। कामातीपुरा पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकताएं (FIR) दर्ज की हैं और दोषियों की पहचान के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।
कामातीपुरा के पुलिस निरीक्षक जे. भास्कर ने कहा कि हमने मंदिर में तोड़फोड़ करने वाले अज्ञात व्यक्ति और उसके बाद हिंसा फैलाने वाली भीड़, दोनों के खिलाफ धारा 295ए के तहत मामले दर्ज किए हैं। हम उपद्रवी की पहचान के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहे और जल्द वह हमारी गिरफ्त में होगा।
पुरानपुल दरवाजा पर तनाव की शुरुआत तब हुई जब मंदिर में रखी एक तस्वीर के साथ तोड़फोड़ की खबर फैली। जैसे ही यह बात लोगों तक पहुंची, भीड़ वहां जमा हो गई। देखते ही देखते विरोध-प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। उपद्रवियों ने न केवल वाहनों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि पुलिस पर पथराव किया। एक धार्मिक ध्वज, एक दरगाह और कुछ कब्रों को भी क्षति पहुंचाने की सूचनाएं हैं। लोगों के मुताबिक पुरानपुल और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों जैसे-हुसैनी आलम में भारी पुलिस बल तैनात है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स की भी मदद ली जा रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने शांति समितियों के साथ बैठक की है। मंदिर में क्षतिग्रस्त तस्वीर को पुनर्स्थापित कर दिया गया।
एक समुदाय का आरोप है कि हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने कब्रिस्तान में घुसकर तोड़फोड़ कर दी। विरोध पर मकामी लोगों के साथ मारपीट की। उपद्रवियों ने कब्रिस्तान में बने एक मजार को भी निशाना बनाया है। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा।
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हैदराबाद के सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने गुरुवार सुबह प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए पुलिस से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस-प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। इलाके में ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज के जरिए उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।